
Monsoon Heavy Rain Alert: दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय है। भारतीय मौसम विभाग ने देश के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार को नया अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विभाग ने कहा कि शनिवार को देश के कई राज्यों (दिल्ली, राजस्थान, बिहार, गुजरात, असम, नागालैंड, मेघालय और महाराष्ट्र) में अति भारी बारिश की संभावना है।
IMD के अनुसार गुजरात में इस बार सबसे ज्यादा बारिश होने वाली है। अहमदाबाद समेत कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। कुछ जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश भी दर्ज की जा सकती है। इससे निचले इलाकों में पानी भरने, बाढ़ जैसे हालात और आम जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। गुजरात में भी मूसलाधार बारिश और बाढ़ के कारण अब तक 31 लोगों की जान जा चुकी है। मौसम विभाग ने कहा कि दक्षिण गुजरात के वलसाड और नवसारी जिलों में स्थिति सबसे गंभीर बनी हुई है।
दिल्ली और आसपास के NCR इलाके में आज हल्की से मध्यम बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने की संभावना है। IMD ने कहा है कि अगले दो से चार दिनों में बारिश की तीव्रता बढ़ेगी। 27 जुलाई से कुछ जगहों पर भारी बारिश भी हो सकती है। आसमान में बादल छाए रहेंगे और नमी वाली गर्मी बनी रहेगी। राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और मध्य प्रदेश में भी अच्छी बारिश होने वाली है।
राजस्थान भी इस सक्रिय मौसम प्रणाली की जकड़ में रहेगा। जयपुर और पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी है, कुछ जगहों पर अत्यंत भारी बारिश भी हो सकती है। साथ ही बिजली गिरने के साथ गरज-चमक भी बनी रहेगी।
मुंबई, कोंकण और महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में भी भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है। प्रशासन ने निचले इलाकों में पानी भरने और ट्रैफिक जाम की आशंका जताई है। लोग सावधानी बरतें।
असम, मेघालय समेत पूर्वोत्तर के कई राज्यों, ओडिशा, उत्तर प्रदेश और बिहार में भी व्यापक बारिश होने वाली है। कहीं-कहीं तेज हवाएं 85 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल सकती हैं। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। पूर्वी भारत में तेज हवाओं से पेड़ उखड़ सकते हैं, बिजली और यातायात प्रभावित हो सकता है।
मौसम विभाग ने बताया कि असम में बाढ़ की वजह से हालात बेहद खराब हैं। बाढ़ से जुड़ी आपदाओं में अब तक 60 से अधिक जानें चली गई हैं। चराइदेव जिले में सबसे अधिक 7 मौतें हुई हैं।