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Shabri Ke Ber in Ramayana: उस धाम का कायाकल्प, जहां राम ने खाए शबरी के जूठे बेर

Shabri Ke Ber in Ramayana: प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर दक्षिण गुजरात के डांग जिले में सापुतारा हिल स्टेशन के पास शबरी धाम का कायाकल्प किया जा रहा है।

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Jul 29, 2024

Shabri Ke Ber in Ramayana: प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर दक्षिण गुजरात के डांग जिले में सापुतारा हिल स्टेशन के पास शबरी धाम का कायाकल्प किया जा रहा है। सुबीर गांव से करीब तीन किलोमीटर दूर इस धाम के बारे में मान्यता है कि यहां शबरी से भगवान राम की भेंट हुई थी। भगवान राम वनवास के दौरान सीता की खोज में यहां आए थे। उन्होंने माता शबरी के जूठे बेर खाए। शबरी ने उन्हें सीता की खोज के लिए आगे का मार्ग बताया था।

गुजरात पवित्र यात्राधाम विकास बोर्ड ने पूरे किए निर्माण

गुजरात पवित्र यात्राधाम विकास बोर्ड (जीपीवाईवीबी) ने शबरी धाम में टूरिस्ट निवास स्थल का निर्माण पूरा कर लिया है। इसके लिए राज्य सरकार ने 10 करोड़ रुपए का फंड मंजूर किया था। गुजरात के एकमात्र हिल स्टेशन सापुतारा के आसपास के कई स्थल श्रद्धालुओं में आकर्षण का केंद्र हैं। इनमें शबरी धाम प्रमुख है। जंगल से घिरे इलाके में छोटे टीले पर शबरी धाम मंदिर में राम-शबरी मिलन के प्रसंग के चित्र और मूर्तियां हैं। सापुतारा आने वाले पर्यटक शबरी धाम पहुंचते हैं। इसे देखते हुए सरकार ने धाम के विकास का फैसला किया।

यात्री निवास और एडमिन ब्लॉक तैयार

जीपीवाईवीबी के सचिव आर.आर. रावल के मुताबिक शबरी धाम विकास प्रोजेक्ट के तहत करीब 4.89 करोड़ रुपए की लागत से यात्री निवास और एडमिन ब्लॉक का निर्माण किया गया है। यात्री निवास में पर्यटकों को भोजन शाला, डाइनिंग हॉल, पांच एग्जीक्यूटिव रूम और डोरमैटरी की सुविधाएं मिलेंगी। एडमिन ब्लॉक में हॉल, डाइनिंग विद किचन, बैठक कक्ष और बेडरूम की सुविधाएं शामिल हैं।

सापुतारा मेघ मल्हार पर्व आज से

दूसरे चरण में शबरी धाम में और सुविधाओं का विकास किया जाएगा। इनमें नई पार्किंग, हनुमान मंदिर का नवीनीकरण, सभा मंडप शेड, कैंटीन, रैम्प, गार्डनिंग एंड लैंड स्कैपिंग आदि शामिल हैं। बारिश के मौसम में इन दिनों सापुतारा में पर्यटकों की खासी भीड़ है। पर्यटकों के लिए सापुतारा मेघ मल्हार पर्व 29 जुलाई से शुरू होगा। यह एक महीने चलेगा।

Published on:
29 Jul 2024 08:59 am
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