
Abhijeet Dipke: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी(CJP) ने देश के कई राज्यों में प्रदर्शन की घोषणा की है। CJP के संस्थापक और राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दिपके के मुताबिक, गोवा, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में प्रदर्शन किए जाएंगे। इसके बाद अक्टूबर के अंत से दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन शुरू करने की योजना है। दिपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और इसमें सिविल सोसाइटी की भागीदारी की मांग भी उठाई है। CJP ने चुनाव आयोग और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर तीन प्रमुख मांगें रखी हैं।
CJP के अनुसार, पहली मांग ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की है। पार्टी ने यह भी मांग की है कि यह स्पष्ट किया जाए कि कथित तौर पर संबंधित आदेश किसके निर्देश पर दिए गए थे। दूसरी मांग विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को रोकने और जनवरी 2025 की मतदाता सूची बहाल करने की है। CJP ने इसके साथ मतदाता सूची से जुड़े फैसलों की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। तीसरी मांग 2023 में मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े कानून को वापस लेने और ऐसी नई व्यवस्था बनाने की है, जिसमें नियुक्ति प्रक्रिया पारदर्शी हो तथा सिविल सोसाइटी की भागीदारी हो।
CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और इसमें सिविल सोसाइटी को भी शामिल किया जाना चाहिए। यह मांग ऐसे समय उठाई गई है, जब SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर राजनीतिक विवाद जारी है। CJP ने इससे पहले ज्ञानेश कुमार को 48 घंटे में इस्तीफा देने की मांग करते हुए ऐसा नहीं होने पर देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी थी। सीजेपी ने दिल्ली में प्रस्तावित आंदोलन को 'जंतर-मंतर 2.0' नाम दिया है।
वहीं, चुनाव आयोग SIR से जुड़े फैसलों पर तीनों चुनाव आयुक्तों के बीच मतभेद की खबरों को पहले ही खारिज कर चूका है । आयोग के अनुसार, SIR समेत सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए और तीनों आयुक्तों की मंजूरी से आगे बढ़े।