
Hafiz Saeed NBW: जम्मू शहर की एक NIA अदालत की ओर से लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के प्रमुख हाफिज सईद के खिलाफ नया गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किए जाने का जम्मू-कश्मीर पुलिस के पूर्व DGPs ने स्वागत किया है। उन्होंने इसे भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की महत्वपूर्ण कार्रवाई बताया। NIA अदालत ने 8 सितंबर को हाफिज सईद के खिलाफ यह नया गैर-जमानती वारंट जारी किया था। उस पर कश्मीर में आतंकवादियों को हथियार, धन और निर्देश उपलब्ध कराने का आरोप है। दो महीने के भीतर सईद के खिलाफ यह दूसरा ऐसा वारंट है।
जम्मू-कश्मीर पुलिस के पूर्व DGP एसपी वैद ने हाफिज सईद के खिलाफ कार्रवाई का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद में उसकी संलिप्तता को देखते हुए उसके खिलाफ कई वारंट जारी होने चाहिए। वैद ने कहा कि हाफिज सईद ने कई अपराध किए हैं और उसके खिलाफ कई वारंट होने चाहिए। उन्होंने NIA की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि भारत को धमकी देने की कोशिश करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जम्मू-कश्मीर पुलिस के पूर्व DGP कुलदीप खोडा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के शुरुआती वर्षों से ही लश्कर-ए-तैयबा की भूमिका रही है और हाफिज सईद संगठन का प्रमुख चेहरा रहा है। खोडा के मुताबिक, LeT की भूमिका 1992 से रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कश्मीर और देश के अन्य हिस्सों में संगठन की आतंकवादी गतिविधियों को पाकिस्तान के प्रतिष्ठान, खासकर पाकिस्तान सेना और ISI का समर्थन मिलता रहा है।
कुलदीप खोडा ने कहा कि भारत ने हाफिज सईद के खिलाफ कई मामले दर्ज किए हैं और कई मामलों में उसे आरोपी बनाया गया है। उन्होंने कहा कि भारतीय कानून के तहत वह एक फरार आतंकवादी है। खोडा के मुताबिक, जिन देशों में उसे आतंकवादी माना जाता है, वहां जाने पर उसकी गिरफ्तारी हो सकती है। उन्होंने इसी वजह से उसके पाकिस्तान से बाहर नहीं निकलने की बात कही। उन्होंने पाकिस्तान को आतंकवाद का कारखाना बताते हुए कहा कि वहां से हाफिज सईद के खिलाफ कार्रवाई की संभावना कम है।
हाफिज सईद पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का संस्थापक और भारत के सबसे वांछित वैश्विक आतंकवादियों में शामिल है। NIA की ओर से जम्मू-कश्मीर में हुई बड़ी सीमा पार साजिशों और हाई-प्रोफाइल हमलों के संबंध में उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई तेज की गई है। भारतीय एजेंसियां उसकी हिरासत की कोशिश करती रही हैं। वहीं, पाकिस्तान का दावा है कि 76 वर्षीय हाफिज सईद लाहौर की कोट लखपत जेल में 30 साल से अधिक की कुल सजा काट रहा है। यह सजा आतंकवाद रोधी अदालत की ओर से आतंक के वित्तपोषण से जुड़े मामलों में दोषी ठहराए जाने के बाद सुनाई गई है।
भारतीय खुफिया एजेंसियों का मानना है कि पाकिस्तान के प्रतिष्ठान के कुछ तत्व अब भी हाफिज सईद को पूरी जवाबदेही से बचाते हैं। हाफिज सईद संयुक्त राष्ट्र की सूची में शामिल वैश्विक आतंकवादी है। उसके ऊपर अमेरिका सरकार ने 10 मिलियन डॉलर का इनाम भी घोषित कर रखा है।