
नई दिल्ली। बॉलीवुड के वरिष्ठ अभिनेता नसीरुद्दीन शाह को लेकर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के 'दिमागी नक्सल' वाले बयान पर राजनीति गरमा गई है। माकपा (CPI-M) नेता हन्नान मोल्ला ने गुरुवार को रिजिजू के बयान पर पलटवार करते हुए उन्हें 'मेंटल क्रिमिनल' करार दिया। वहीं, कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने भी भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी अपनी विचारधारा से असहमति जताने वालों को अलग-अलग नामों से संबोधित करती है।
यह विवाद उस समय शुरू हुआ, जब रिजिजू ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर नसीरुद्दीन शाह को लेकर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि मैं सोचता था कि नसीरुद्दीन शाह केवल एक सामान्य अभिनेता हैं। मैं उनका सम्मान और उन्हें पसंद करता था… मुझे कभी नहीं पता था कि वे एक खतरनाक अर्बन 'दिमागी नक्सल' हैं! मुझे उनके असली चरित्र के बारे में बहुत देर से पता चला। वे भारत के लोकतंत्र के लिए बेहद हानिकारक हैं।
हन्नान मोल्ला ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में रिजिजू के इस बयान की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय मंत्री को भारत के स्वतंत्रता संग्राम, मौलिक अधिकारों, लोकतंत्र और संविधान की समझ नहीं है। मोल्ला ने कहा कि नसीरुद्दीन शाह एक प्रतिष्ठित और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचाने जाने वाले अभिनेता हैं। जेन-जी (Gen-Z) प्रदर्शनकारियों के समर्थन में उनकी बात सुनने के बजाय उन पर व्यक्तिगत टिप्पणी करना उचित नहीं है। मोल्ला ने आरोप लगाया कि सरकार या उसकी नीतियों पर सवाल उठाने वाले लोगों को 'ब्रेनवॉश्ड नक्सल' जैसे शब्दों से निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश में लोगों को दो वर्गों में बांटने की कोशिश हो रही है। उनके मुताबिक, नसीरुद्दीन शाह को 'ब्रेनवॉश्ड नक्सल' कहा जा रहा है, जबकि रिजिजू को 'दिमागी पागल' कहा जा सकता है।
कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने कहा कि भाजपा को जो लोग पसंद नहीं आते या जिनकी बातें पार्टी को स्वीकार्य नहीं होतीं, उनके लिए नए-नए नाम गढ़े जाते हैं। माथेर ने 'टुकड़े-टुकड़े गैंग', 'अर्बन नक्सल' और 'दिमागी नक्सल' जैसे शब्दों का जिक्र करते हुए कहा कि यह भाजपा की कार्यशैली का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि ऐसे बयानों में उन्हें कोई आश्चर्य नहीं लगता।