
केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मर्चेंट्स चैंबर ऑफ कॉमर्स के एक कार्यक्रम को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में उन्होंने इस समय चल रहे भू-राजनीतिक तनाव के कारण आई ऊर्जा मुसीबतों पर बात करते हुए कहा कि भारत ने इस समस्या का सामना बड़े ही अच्छे तरीके से किया है। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता के बावजूद भारत ने अपने 140 करोड़ से ज्यादा लोगों को कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव से बचाने की कोशिश की है। साथ ही उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि देश में फिलहाल ऊर्जा की कोई कमी नहीं है।
हरदीप पुरी ने कहा कि वैश्विक तेल कीमतों में 70 से 80 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई। लेकिन इन कीमतों का असर भारत पर नहीं हुआ। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर आप पिछले चार-पांच साल की कीमतों की तुलना करें तो वास्तव में कीमतों में गिरावट आई है। उन्होंने इसकी सबसे बड़ी वजह बताया कि भारत का नेतृत्व अभी उपभोक्ता को सबसे ज्यादा प्राथमिकता देता है।
हरदीप पुरी ने कहा कि भारत में करीब 1.07 लाख रिटेल आउटलेट हैं और अमेरिका ईरान युद्ध के दौरान इनमें से एक भी आउटलेट ऐसा नहीं था, जहां फ्यूल खत्म हो गया हो। साथ ही उन्होंने कहा की अमेरिका में डीजल की कीमतों में 6 डॉलर तक की बढ़ोतरी देखी गई थी। साथ ही पड़ोसी देश की कीमतों से तुलना करते हुए 2014, 2021 और 2026 की दरों को देखने की भी बात कही।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पेट्रोल और डीजल की पिछली कटौती 10 रुपये प्रति लीटर की थी। उन्होंने कहा कि किसी न किसी को इस कटौती की कीमत चुकानी पड़ती है। उनका कहना था कि सरकार की कोशिश रही है कि जरूरी वस्तु उपलब्ध भी रहे और उसकी कीमत आम उपभोक्ता की पहुंच से बाहर न हो।
पुरी ने कहा कि भारत ने अब तक वैश्विक अनिश्चितता का सामना किया है और खुद को इसके असर से काफी हद तक बचाया है। पुरी ने साफ कहा कि भारत में फिलहाल ऊर्जा की कोई कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि रिफाइनरी में जीवाश्म ईंधन से डीजल, पेट्रोल और LPG जैसे ईंधन तैयार किए जाते हैं। उनके मुताबिक देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए उपलब्धता बनी हुई है।