
TMC Crisis: तृणमूल कांग्रेस अपने सबसे बुरे राजनीतिक दौर में है। ममता बनर्जी चौतरफा घिरी हुई दिखाई दे रही हैं। एक तरफ उनकी पार्टी के 60 विधायक पहले ही बागी हो चुके हैं। अब 19 सांसदों ने मोर्चा खोल दिया है। काकोली घोष दस्तीदार, शताब्दी रॉय, बापी हलदर, डॉ शर्मिला सरकार, सायोनी घोष और यूसुफ पठान व अन्य ने लोकसभा स्पीकर को हस्ताक्षरित चिट्ठी सौंपी है। जिसके बाद से सांसदों के भी बागी होने की खबर पर मुहर लग गई है। वहीं, कुछ सांसद अभी भी ममता बनर्जी के साथ हैं, लेकिन अभिषेक बनर्जी के रवैये के या तो खिलाफ हैं या फिर चुप्पी साधे हुए हैं।
ममता बनर्जी के शुरुआती दिनों के साथी सौगत रॉय ने भी अभिषेक बनर्जी के मनमानी रवैये की ओर इशारा किया। सौगत ने कहा कि ममता बनर्जी को इस मामले में ध्यान देना ही होगा। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी को उन सभी लोगों की शिकायतें सुननी चाहिए, जो अभी भी पार्टी के साथ हैं। दमदम सीट से तृणमूल सांसद ने कहा कि मैंने निजी तौर पर अभिषेक के रवैये से नाखुश नहीं हूं, लेकिन पार्टी में उनके खिलाफ कई बातें कहीं जा रही हैं।
वहीं, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में करारी शिकस्त मिलने के बावजूद कल्याण बनर्जी मजबूती से ममता बनर्जी के साथ खड़े रहे, लेकिन वे भी अब अभिषेक बनर्जी के रवैये से नाराज हैं। उन्होंने मीडिया के सामने अपनी नाराजगी जाहिर की। दरअसल, तृणमूल कांग्रेस ने कल्याण बनर्जी को पार्टी के मुद्दों पर कोर्ट में दलील रखने वाले अधिवक्ता के लिस्ट से हटा दिया है। उन्होंने मीडिया से कहा कि मैंने कहा था, 'मेरे साथ कूड़ेदान जैसा व्यवहार न करें'। मुझे बताएं कि मैं केस लड़ूंगा या नहीं। इस पर मुझे बताया कि अयान भट्टाचार्य केस लड़ेंगे, इसलिए मैंने केस छोड़ दिया। मुझे वकालत करते हुए 45 साल हो गए हैं।
कल्याण ने कहा कि चुनावी हार के बाद अभिषेक बनर्जी के चलते ही हमें चोर-चोर सुनना पड़ रहा है। हमारी जान को खतरा आज उन्हीं की वजह से है। आज भी पार्टी के बुरे दिनों में, मैं दीदी के साथ खड़ा हूं, लेकिन अब ममता बनर्जी को तय करना होगा कि वह अभिषेक के साथ रहेंगी या हमारे साथ, जो उनसे नाखुश हैं।
वहीं, कुछ सांसद अभी भी ममता और अभिषेक के साथ पूरी तरह साथ खड़े हुए दिखाई पड़ रहे हैं। कीर्ति आजाद और महुआ मोइत्रा लगातार बागी सांसदों व विधायकों पर हमलावर हैं। कीर्ति आजाद ने मुश्किल समय में ममता का साथ छोड़ने वाले नेताओं को गद्दार करार दिया है। बीते बुधवार को बागी सांसदों की लिस्ट में शत्रुघ्न सिन्हा का नाम भी आ रहा था, लेकिन उन्होंने कहा कि वह ममता का साथ नहीं छोड़ेंगे। शत्रुघ्न ने कहा कि जब वे कठिन समय में थे, तब ममता बनर्जी ने उन्हें सहारा दिया था और आज जब वे स्वयं संकट में हैं तो उनका साथ छोड़ देना उनका अंतर्मन स्वीकार नहीं करता। हालांकि, उन्होंने न तो अभिषेक बनर्जी के सपोर्ट में और न ही उनके खिलाफ कोई बयान दिए।