30 अप्रैल से शुरू होकर 6 मई तक, पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती सिस्टम देश के मौसम को पूरी तरह बदल देंगे। तूफानी बारिश, आंधी, बिजली और तेज हवाओं का यह दौर न केवल मौसम को ठंडा करेगा, बल्कि कुछ वक्त के लिए गर्मी से राहत भी देगा।
भारत के मौसम में आज से एक बड़े बदलाव की शुरुआत हो रही है, क्योंकि पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती हवाओं का तगड़ा असर देश के कई हिस्सों में देखने को मिलेगा। मौसम विभाग (IMD) ने 30 अप्रैल से 6 मई तक देश के विभिन्न क्षेत्रों में तूफानी बारिश, आंधी, बिजली और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। उत्तर-पश्चिम भारत से लेकर पूर्वी, मध्य, दक्षिणी और पूर्वोत्तर भारत तक, मौसम की तीव्र गतिविधियां लोगों के लिए चुनौती बन सकती हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में कई चक्रवाती सिस्टम सक्रिय हैं। उत्तरी बांग्लादेश और उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश में ऊपरी हवाओं में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके अलावा, दक्षिण-पश्चिम राजस्थान में एक चक्रवाती परिसंचरण और इससे उत्तर केरल तक एक ट्रफ (निम्न दबाव क्षेत्र) मौजूद है। मध्य और ऊपरी वायुमंडल में 85°E रेखांश के साथ एक ट्रफ भी बना हुआ है। इन सिस्टमों के प्रभाव से देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम में उथल-पुथल देखने को मिलेगी।
2 मई से एक ताजा और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा। इसके परिणामस्वरूप:
मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और बाहरी गतिविधियों के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है। तेज हवाओं और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान हो सकता है, इसलिए किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए उपाय करने चाहिए। भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ की स्थिति बन सकती है, जिसके लिए स्थानीय प्रशासन को तैयार रहने की जरूरत है।
30 अप्रैल से शुरू होकर 6 मई तक, पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती सिस्टम देश के मौसम को पूरी तरह बदल देंगे। तूफानी बारिश, आंधी, बिजली और तेज हवाओं का यह दौर न केवल मौसम को ठंडा करेगा, बल्कि कई क्षेत्रों में चुनौतियां भी लाएगा। दिल्ली जैसे शहरों में तापमान सामान्य से नीचे रहेगा, लेकिन तेज हवाएं और धूल भरी आंधी असुविधा पैदा कर सकती हैं। इस दौरान लोगों को मौसम अपडेट पर नजर रखने और आपात स्थिति के लिए तैयार रहने की जरूरत है। यह मौसमी उथल-पुथल प्रकृति की ताकत को एक बार फिर उजागर करती है, जिसके लिए सतर्कता और तैयारी ही सबसे बड़ा हथियार है।