Heavy rainfall Alert: मौसम विभाग ने 3, 4, 5 अप्रैल को जोरदार बारिश की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है। पढ़ें पूरी खबर...
IMD Weather Update: देश में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरणों के प्रभाव से उत्तर-पश्चिम भारत से लेकर मध्य, पूर्वी, दक्षिण भारत का मौसम बार-बार बदल रहा है। मौसम विभाग (Meteorological Department) के पूर्वानुमान के मुताबिक अलगे तीन दिनों तक देश के कई राज्यों में बारिश, आंधी की संभावना है, जबकि पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी व एवलांच आने का अलर्ट जारी किया गया है।
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मौसम विभाग ने कहा कि 3 अप्रैल यानि आज जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में तेज बारिश और आंधी का दौर जारी रहेगा। दक्षिण भारतीय राज्य कर्नाटक व तमिलनाडु में भी आंधी तूफान की संभावना जताई गई है।
वहीं, IMD ने 4 और 5 उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, महाराष्ट्र, पंजाब, दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, बिहार, केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने आगे कहा कि इस दौरान मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में ओले भी गिर सकते हैं। दक्षिण भारतीय राज्य तमिलनाडु में बिजली गिरने की संभावना जताई है।
भारतीय मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले में एवलांच को लेकर अलर्ट जारी किया है। विभाग ने कहा कि 24 घंटे के भीतर 2400 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में हिमस्खलन हो सकता है। जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और पहाड़ी व बर्फीले क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी है। उधर, हिमाचल के पांच जिलों चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला में अगले दो दिनों तक तेज बारिश, ओलावृष्टि और तूफान को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
आइएमडी ने मंगलवार को अप्रैल से जून तक गर्मी ऋतु का पूर्वानुमान जारी किया है। इसके अनुसार अगले तीन माह देश के अधिकतर हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य व सामान्य से नीचे रहेगा। वहीं न्यूनतम तापमान सामान्य व सामान्य से थोड़ा अधिक रहेगा।
आइएमडी के अनुसार अप्रेल माह में कई हिस्सों में दीर्घकालिन औसत (एलपीए) से अधिक बारिश होने की संभावना है। अप्रेल के एलपीए 39.2 एमएम की तुलना में 112 प्रतिशत बारिश होगी। यह बारिश पूर्वी व पूर्वाेत्तर भागाें को छोड़कर शेष हिस्सों में सामान्य से अधिक रहने की संभावना है।