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PMLA के तहत सीएम हेमंत पर आरोप तय होने पर BJP का हमला, ‘सोरेन को तुरंत पद से इस्तीफा देना चाहिए’

Hemant Soren: रांची की स्पेशल PMLA कोर्ट ने बड़गाईं जमीन मामले में सीएम हेमंत सोरेन पर आरोप तय किए। भाजपा ने तुरंत इस्तीफे की मांग की, जबकि झामुमो ने इसे कोर्ट की प्रक्रिया बताया। पढ़ें पूरी खबर।
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Oct 01, 2026
Hemant Soren
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (इमेज सोर्स: आईएएनएस)

Hemant Soren at PMLA court: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। स्पेशल PMLA कोर्ट ने रांची के बड़गाईं अंचल की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में झामुमो नेता व राज्य के मुख्यमंत्री के खिलाफ आरोप तय किए। अदालत की कार्यवाही के दौरान सीएम हेमंत सोरेन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित हुए।

इस्तीफा देकर ट्रायल का सामना करें हेमंत सोरेन

सीएम हेमंत सोरेन के खिलाफ स्पेशल PMLA कोर्ट द्वारा आरोप तय किए जाने पर बीजेपी ने हमला बोला है। भाजपा नेता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को तुरंत इस्तीफा देकर ट्रायल का सामना करना चाहिए। हम ये मानते हैं कि ये बिल्कुल ठीक नहीं होगा। झारखंड में यह केस चल रहा है। किसी भी राज्य के मुख्यमंत्री का बहुत प्रभाव होता है लेकिन जब आरोप तय हो गए तो न्याय के हित में वो एक आम आदमी के रूप में ट्रायल का सामना करें और मुख्यमंत्री पद से अवलंब इस्तीफा दें।

उन्होंने कहा कि बतौर मुख्यमंत्री के रूप में हेमंत सोरेन का ट्रैक रिकॉर्ड देखें तो वह बहुत संदिग्ध रहा है। देश के इतिहास के वह पहले मुख्यमंत्री थे जो 40 घंटे तक मिस्टर इंडिया की तरह गायब हो गए थे, जब दिल्ली आवास में ED के साथ पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने पहुंची थी। उन्होंने कहा कि वो 6-7 महीने जेल में रहे और उस दौरान उन्होंने जेल से सरकार चला रहे थे। अगर मुख्यमंत्री में थोड़ी भी नैतिकता बची है तो इस्तीफा दीजिए। आप ट्रायल का सामना कीजिए, पद पर रहते हुए ट्रायल मत कीजिए। इससे झारखंड की बदनामी होगी।

आरोप तय होने पर झामुमो का भी आया बयान

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ स्पेशल PMLA कोर्ट द्वारा आरोप तय किए जाने के मामले में JMM नेता मनोज पांडे ने कहा कि यह अदालत की एक प्रक्रिया है। अभी सुनवाई होगी, बहस होगी और उसके बाद निचली अदालत फैसला करेगी। अभी चार्जशीट होता है या नहीं होता है, वो दोषी सिद्ध होते हैं या नहीं होते हैं। ये निचली अदालत का काम है। हमें न्यायपालिका पर पूरा विश्वास है। न्याय होगा, सत्य की जीत होगी। एजेंसियों का दुरुपयोग करके, कुछ गढ़े हुए सबूत जुटाकर आपको लगता होगा कि आपने बहुत बड़ा तीर मार लिया या एक लोकप्रिय मुख्यमंत्री को फंसाने का काम आप कर रहे हैं तो आपके मंसूबे सफल नहीं होंगे। हमारे नेता निर्दोष हैं और वो बरी होंगे।

Updated on:
01 Oct 2026 07:49 am
Published on:
01 Oct 2026 07:49 am