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झारखंड में फिर बनेगी झारखंडियों की सरकार, BJP देख रही मुंगेरी लाल के हसीन सपने, जेल से निकलते ही हेमंत सोरेन का दिखा रौद्र रुप

Ranchi: जेल से रिहा होने के बाद झारखंड के पूर्व सीएम और जेएमएम के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने बीजेपी पर जमकर निशाना साधा है।
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Jun 29, 2024
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झारखंड के पूर्व सीएम और जेएमएम के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने शनिवार को अपने आवास पर झामुमो कार्यकर्ताओं और समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि झारखंड में एक बार फिर झारखंडियों की सरकार बनेगी। भारतीय जनता पार्टी के नाम का जिक्र किए बगैर उन्होंने कहा कि इनकी ताबूत में आखिरी कील ठोकने का वक्त आ गया है। वह वक्त भी आने वाला है, जब दीया लेकर ढूंढ़ने से भी उनका नामोनिशान नहीं मिलेगा।

आप कल चुनाव की घोषणा करें, परसों आपका सफाया हो जाएगा- सोरेन

सोरेन ने कहा कि राज्य में निर्धारित समय से पहले विधानसभा चुनाव कराने की तैयारी चल रही है, लेकिन हम हमेशा और हर परिस्थिति में तैयार हैं। उन्होंने चुनौती भरे अंदाज में कहा, “आप कल चुनाव की घोषणा करें, परसों आपका सफाया हो जाएगा।” झामुमो नेता ने हाल में संपन्न हुए लोकसभा चुनाव के नतीजे का उल्लेख करते हुए कहा कि जनता ने उन्हें ऐसी लाठी मारी है कि उनकी कराह तक नहीं निकल पा रही है। जिन लोगों ने जाति, धर्म, अगड़ा-पिछड़ा, अमीर-गरीब के नाम पर एक-दूसरे को लड़ाने में डिग्री हासिल की है, उन्हें मुंह की खानी पड़ेगी।

मुझे षड्यंत्र में फंसाकर पांच महीने तक जेल में रखा

उन्होंने दोहराया कि केंद्र सरकार के खिलाफ कोई भी खड़ा ना हो पाये, इसकी जुगत भिड़ाई जा रही है। उसी का परिणाम है कि आज दिल्ली के मुख्यमंत्री जेल में बंद हैं। मुझे सुनियोजित तरीके से षड्यंत्र में फंसाकर पांच महीने तक जेल में रखा गया, लेकिन अदालत के फैसले के बाद मैं आज सबके बीच हूं। भगवान के घर में देर है, लेकिन अंधेर नहीं। सच्चाई को कोई हमेशा जंजीर से बांधकर नहीं रख सकता। सूरज-चांद को कोई भी बादल हमेशा के लिए नहीं ढक सकता।

जेल में कई ऐसे आदिवासी हैं, जिन्हें षड्यंत्र के तहत भेजा गया

लोगों को संबोधित करते हुए सोरेन ने कहा कि उन्होंने देखा कि जेल के अंदर कई ऐसे आदिवासी और गरीब हैं, जिन्हें षड्यंत्र के तहत भेजा गया है। उनकी स्थिति देखकर बेहद तकलीफ होती है। उन्होंने पड़ोस के राज्यों में आदिवासी सीएम बनाए जाने पर टिप्पणी करते हुए कहा कि झारखंड में मिली पराजय के चलते उन्हें ऐसा निर्णय लेना पड़ा, लेकिन हकीकत यह है कि वे आदिवासी के नाम पर केवल रबर स्टांप की भूमिका में हैं।


Updated on:
29 Jun 2024 04:45 pm
Published on:
29 Jun 2024 04:45 pm