
Mallikarjun Kharge Mock Parliament: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने फिर से राहुल गांधी पर तंज कसा है। सरमा ने कहा, कांग्रेस में परिवारवाद ही चलता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी हमेशा चाहती थीं कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनें। सरमा के मुताबिक, जब यह मुमकिन नहीं हुआ, तो कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के घर पर हुए एक कार्यक्रम में राहुल गांधी को ही प्रधानमंत्री के रोल में दिखा दिया गया। उनके इस बयान ने विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच गर्म बहस को और हवा दे दी है।
खरगे के घर हुआ कार्यक्रम भी सरमा के निशाने पर रहा। उन्होंने कहा, बहुत वक्त से कांग्रेस राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाने की जुगत में लगी रही, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। इसी वजह से कांग्रेस और विपक्ष के नेताओं ने खरगे के घर के लॉन में मॉक संसद बिठा दी। सरमा ने ये भी कहा कि असली संसद की तुलना में ये सिर्फ दिखावा था, जहां राहुल गांधी को प्रतीकात्मक तरीके से प्रधानमंत्री बना दिया गया। उनका कहना है, असली संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही रहेंगे, ना कि राहुल गांधी।
कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री की बातों का निशाना कांग्रेस की लीडरशिप और गांधी परिवार की राजनीति पर ही रहा। जाहिर है, ये बयान पूरी तरह राजनीतिक हमला था। कांग्रेस की तरफ से राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाए जाने या उस कार्यक्रम पर अभी कोई सीधी प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
भारतीय राजनीति में परिवारवाद का मुद्दा लंबे समय से प्रमुख बहस का हिस्सा रहा है। भाजपा अक्सर कांग्रेस पर गांधी परिवार के इर्द-गिर्द नेतृत्व केंद्रित रखने का आरोप लगाती रही है। दूसरी ओर, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल भाजपा की नीतियों, चुनावी प्रक्रिया तथा सरकार के कामकाज पर सवाल उठाते हैं।
हिमंत सरमा का ताजा बयान इसी राजनीतिक टकराव की कड़ी है। इसमें उन्होंने कांग्रेस के आयोजन को राहुल गांधी की प्रधानमंत्री बनने की महत्वाकांक्षा से जोड़कर पेश किया। बयान के जरिए उन्होंने वास्तविक सत्ता और प्रतीकात्मक राजनीतिक गतिविधियों के बीच अंतर को रेखांकित करने की कोशिश की।
देश में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच चुनावी मुद्दों, संसदीय कार्यवाही तथा राजनीतिक नेतृत्व को लेकर लगातार बयानबाजी होती रही है। हाल के दिनों में विपक्षी गठबंधन की गतिविधियों और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े विवादों ने भी राजनीतिक माहौल को गर्म रखा है।
ऐसे समय में हिमंत बिस्वा सरमा की टिप्पणी केवल राहुल गांधी पर व्यक्तिगत कटाक्ष तक सीमित नहीं है, बल्कि कांग्रेस के नेतृत्व और विपक्ष की रणनीति पर भाजपा के व्यापक हमले का हिस्सा भी है। आने वाले दिनों में इस बयान पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया और दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप पर नजर रहेगी।