हिस्ट्रीशीटर और पूर्व भाजपा नेता सूर्य हांसदा की झारखंड के गोड्डा जिले में पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई है। हांसदा पर कई आपराधिक मामले दर्ज थे और पुलिस काफी समय से उसकी तलाश कर रही थी।
झारखंड के गोड्डा जिले में सोमवार सुबह एक पुलिस एनकाउंटर में हिस्ट्रीशीटर सूर्य हांसदा की मौत हो गई। हांसदा का संबंध देश की सत्ताधारी पार्टी भाजपा से भी रह चुका है। उसने 2019 में बोआरिजोर विधानसभा से भाजपा की सीट से चुनाव लड़ा था। यह एनकाउंटर बोआरिजोर पुलिस स्टेशन इलाके के जिरली समरी पहाड़ी के पास किया गया। हांसदा काफी समय से इस पहाड़ी और घने जंगलों वाले इलाके में छिपा हुआ था।
मुठभेड़ के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की एक बड़ी टुकड़ी द्वारा तुरंत इस इलाके को पूरी तरह से सील कर दिया गया है। घटनास्थल पर प्रवेश पूरी तरह से वर्जित है, हालांकि, बड़ी संख्या में उत्सुक लोग घेराबंदी वाले क्षेत्र के चारों ओर इकट्ठा हो गए है। गोड्डा के पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार ने हांसदा की मृत्यु की पुष्टि करते हुए बताया है कि शाम को 4 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर इस ऑपरेशन की पूरी जानकारी दी जाएगी।
हांसदा लालमाटिया पुलिस स्टेशन के तहत आने वाले डकैता गांव का रहने वाला था। एक समय में वह इस क्षेत्र के प्रभावशाली राजनीतिक लोगों में माना जाता था। उसने 2019 में भाजपा उम्मीदवार के तौर पर बोरियो विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था। हालांकि 2024 के चुनावों में सीट न मिलने पर उसने झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा की सीट से चुनाव लड़ा लेकिन वह जीत हासिल नहीं कर पाया था।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, हांसदा पर हिंसक हमले से लेकर संपत्ति को नुकसान पहुंचाना जैसे दर्जनों आपराधिक मामले दर्ज थे। इस साल मई में उसका नाम ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के राजमहल प्रोजेक्ट और पहरपुर में हुई गोलीबारी से जुड़े मामलों में सामने आया था। इस मामले में एक मशीन ऑपरेटर के घायल होने की खबर सामने आई थी और जांचकर्ताओं के मुताबिक यह हमला हांसदा ने करवाया था। इसके अलावा भी हांसदा पर पहले कई आपराधिक मामले दर्ज थे। पुलिस के मुताबिक, हाल ही में हुई कई हिंसक घटनाओं में भी हासदा का नाम सामने आया था जिसके बाद से ही पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।