दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल को दिल्ली की राउज एवेन्यु कोर्ट ने बड़ी कर दिया है। इसके बाद से राजनीतिक बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है। कांग्रेस क्यों कह रही है कि बीजेपी और आम आदमी पार्टी मिली हुई है। पढ़ें पूरी खबर...
दिल्ली शराब घोटाला मामले में राउज एवेन्यु कोर्ट से बरी किए जाने के बाद अरविंद केजरीवाल मोदी सरकार पर हमलावर हैं। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अगर पीएम मोदी और बीजेपी में दम है तो दिल्ली विधानसभा का आज चुनाव कराए। अगर BJP 70 विधानसभा सीटों में से 10 भी जीत गई तो वह राजनीति छोड़ देंगे।
गुरुवार को दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मैं आपको चुनौती देता हूं पीएम मोदी, अगर आपमें हिम्मत है तो आज दिल्ली का चुनाव कराकर दिखाएं। अगर आप 10 से ज्यादा सीटें जीतते हैं तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा। दिल्ली के लोग आपसे तंग आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि BJP ने पिछले चार सालों में ‘शराब घोटाला’ शब्दों का बहुत इस्तेमाल किया है, लेकिन हमारे ज्यूडिशियल सिस्टम ने आज एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। मैं जज साहब को ऐसे माहौल में हिम्मत दिखाने के लिए धन्यवाद देता हूं जिसमें सभी संस्थाओं और अधिकारियों को डराया जा रहा है।
कांग्रेस के मीडिया प्रभारी पवन खेड़ा ने आप नेता अरविंद केजरीवाल के बरी किए जाने पर भाजपा-आप के बीच मिलीभगत होने का आरोप लगाया है। खेड़ा ने कहा कि इसमें कोई हैरानी की बात नहीं है। इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। भाजपा हर चुनाव से पहले यही करती है। अगर उन्हें कांग्रेस को कमजोर करना सही लगता है, तो वे कांग्रेस के दुश्मनों को मज़बूत करेंगे। उन्होंने पहले भी यही किया है’।
पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष राजा अमरिंदर सिंह वारिंग ने कहा, ‘मुझे समझ नहीं आया कि केंद्र सरकार ने बहुत बड़े इल्ज़ाम लगाए और जिस तरह डेढ़ साल जेल में रखा। जो गंभीर आरोप होते हैं उसी में डेढ़ साल बाद जमानत मिलती है। अगर इतने बड़े आरोप नहीं थे तो डेढ़ साल अंदर क्यों रखा और अगर आरोप सही थे तो क्लीन चिट कैसे मिली’? उन्होंने कहा, ‘भाजपा, प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री, अरविंद केजरीवाल ही बता सकते हैं कि यह खेला कैसे हुआ’?
अगले साल गुजरात, गोवा और हिमाचल में विधानसभा चुनाव होना है। गुजरात और गोवा में आम आदमी पार्टी ठीक-ठाक पैठ बना चुकी है। इन राज्यों में अब तक लड़ाई भाजपा बनाम कांग्रेस की रही है, लेकिन इन राज्यों में आम आदमी पार्टी खुद को कांग्रेस के विकल्प के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रही है। गुजरात में साल 2022 के विस. चुनाव में आम आदमी पार्टी ने लगभग 13 प्रतिशत वोट हासिल किए थे। जिसका सीधा असर कांग्रेस के वोट बैंक पर पड़ा। दिल्ली में कांग्रेस को शिकस्त देने के बाद AAP ने लगातार 10 साल राज्य किया। इससे पहले वहां लगातार 15 साल तक कांग्रेस का शासन था। अब यहां भी मुकाबला सिर्फ आप और बीजेपी के बीच है। हरियाणा विधानसभा चुनाव के दौरान भी आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस को तगड़ा नुकसान पहुंचाया था।
ऐसे में अगर केजरीवाल मजबूत वापसी करते हैं और आम आदमी पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार करती है, तो चुनौती बीजेपी से ज्यादा कांग्रेस के सामने खड़ी हो सकती है। इसका असर विपक्षी गठबंधन, खासकर इंडिया गठबंधन, की राजनीति पर भी पड़ सकता है।