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बांग्लादेश में हिंसा के बीच घरों में तोड़फोड़, 500 बांग्लादेशियों ने की भारत में घुसने की कोशिश

New Delhi: बांग्लादेश में राजनीतिक अराजकता और अशांति के बीच पंचगढ़ जिले के गांवों के कम से कम 500 बांग्लादेशी नागरिकों ने भारत में प्रवेश करने की कोशिश की।
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बांग्लादेश में राजनीतिक अराजकता और अशांति के बीच पंचगढ़ जिले के गांवों के कम से कम 500 बांग्लादेशी नागरिकों ने भारत में प्रवेश करने की कोशिश की। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों ने उन्हें पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी के पास भारतीय सीमा में प्रवेश करने से रोक दिया।

जान बचाने के लिए भारत में शरण लेना चाहते हैं-पीड़ित

बांग्लादेशी नागरिकों का कहना है कि देश में जारी हिंसा के बीच उनके घरों में तोड़फोड़ की गई है। शेख हसीना के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने के बावजूद अशांति जारी रहने के कारण वे अपनी जान बचाने के लिए भारत में शरण लेना चाहते हैं। पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले के चंगेरा बांधा इमिग्रेशन चेक पोस्ट पर मंगलवार को एक बांग्लादेशी दंपत्ति को नकली भारतीय दस्तावेजों के साथ सीमा के इस पार प्रवेश करने की कोशिश करते हुए पकड़ा गया। दंपत्ति की पहचान इनामुल हक सोहेल और उनकी पत्नी संजीदा जीना इलाही के रूप में की गई है। हालांकि, भारत ने बाद में उनके अनुरोध करने के बाद केवल "थोड़े समय के लिए रहने" की अनुमति दी है।

प्रधानमंत्री शेख हसीना को छोड़ना पड़ा देश

दरअसल, बांग्लादेश में नौकरियों में आरक्षण के खिलाफ शुरू हुआ छात्रों का प्रदर्शन उग्र रूप ले चुका है। छात्रों का प्रदर्शन हिंसक हो गया। हालात ऐसे हो गये कि प्रधानमंत्री शेख हसीना को सोमवार को इस्तीफा देकर देश छोड़ना पड़ा। वह इस समय भारत में हैं। उनके भारत आने के बाद बांग्लादेश में दंगाइयों ने खूब उत्पात मचाया। सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया। प्रधानमंत्री आवास में घुसकर उन्होंने तोड़-फोड़ की। इससे जुड़े कई वीडियो भी सामने आए हैं।

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