पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने बड़ा आरोप लगाया है। टीएमसी का दावा है कि भाजपा ने पूर्व विधायक हुमायूं कबीर और उनकी नई पार्टी आम आदमी उन्नयन पार्टी के साथ 1000 करोड़ रुपये का सौदा किया है।
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को बयानबाजी काफी है। पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला भी जारी है। चुनावी माहौल पर आज एक और बड़ा बम फूटा।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी 'तृणमूल कांग्रेस' ने भाजपा पर सीधा आरोप लगाया कि उसने उनके पुराने विधायक हुमायूं कबीर और उनकी नई पार्टी ‘आम आदमी उन्नयन पार्टी’ के साथ 1000 करोड़ रुपये का सौदा कर लिया है।
तृणमूल ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा का मकसद उन सीटों पर अल्पसंख्यक वोट को बांटना है, जहां कबीर की पार्टी असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM के साथ गठबंधन में लड़ रही है। टीएमसी ने इस आरोप को और मजबूत करने के लिए एक ऑडियो क्लिप भी जारी कर दी है।
टीएमसी के तीन बड़े नेता मंत्री फिरहाद हकीम, अरूप बिस्वास और प्रदेश महासचिव कुणाल घोष ने प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर यह क्लिप सुनाई। यह ऑडियो ठीक उसी वक्त जारी किया गया, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूर्वी मेदिनीपुर के हल्दिया में रैली कर रहे थे।
क्लिप में हुमायूं कबीर किसी अंजान शख्स से बात करते नजर आते हैं। वे कहते हैं कि अगर भाजपा इस बार हिंदू वोट ज्यादातर हासिल कर ले तो वे मुस्लिम वोट बांटने में अहम रोल निभाएंगे। ताकि तृणमूल की सत्ता चली जाए।
कबीर ये भी कहते सुनाई दिए कि अगर भाजपा सत्ता में आई तो वे और उनकी पार्टी नए मुख्यमंत्री को पूरा समर्थन देंगे। उन्होंने ये भी दावा किया कि वे विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से लगातार संपर्क में हैं।
फिरहाद हकीम ने कहा- कबीर को अल्पसंख्यक मतदाताओं को मूर्ख समझने की गलती नहीं करनी चाहिए। वे पैसों के लिए अपनी अंतरात्मा बेच सकते हैं, लेकिन आम मुस्लिम वोटर कभी नहीं बिकेगा। तीनों नेताओं ने साफ कहा कि यह सौदा बंगाल की उन सीटों को निशाना बना रहा है जहां अल्पसंख्यक वोट अहम भूमिका निभाते हैं।
इस पूरे मामले पर हुमायूं कबीर या उनकी पार्टी की तरफ से अब तक कोई जवाब नहीं आया है। हालांकि, समाचार एजेंसी आईएएनएस ने भी इस ऑडियो क्लिप की सच्चाई की पुष्टि नहीं की है।
चुनावी सरगर्मी बढ़ते ही यह आरोप बंगाल की सियासत में नया तूफान ला सकता है। अब देखना होगा कि कबीर इस पर क्या कहते हैं और भाजपा की तरफ से क्या प्रतिक्रिया आती है।