Mallikarjun Kharge: हैदराबाद में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के विवादित बयान के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और उनका पुतला फूंका। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प भी हुई, बीजेपी खड़गे से सार्वजनिक माफी की मांग कर रही है।
Mallikarjun Kharge remark: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई एक हालिया टिप्पणी पर राजनीतिक बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को तेलंगाना के हैदराबाद में इस बयान के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतर कर कांग्रेस अध्यक्ष के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और उनका पुतला फूंका। इस दौरान हालात को काबू में करने आई पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच काफी धक्का-मुक्की भी देखने को मिली।
जानकारी के मुताबिक, बुधवार को हैदराबाद के व्यस्त 'कोटी एक्स रोड' इलाके में बीजेपी के तमाम कार्यकर्ता इकट्ठे हुए। वे पीएम मोदी पर खरगे की टिप्पणी का सख्त विरोध कर रहे थे और उनसे सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग कर रहे थे। अपना विरोध दर्ज कराने के लिए जब बीजेपी कार्यकर्ताओं ने मल्लिकार्जुन खरगे का पुतला जलाने की कोशिश की, तो वहां मौजूद पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसी बात को लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारी बीजेपी नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक और हाथापाई शुरू हो गई।
प्रदर्शन के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए गोशामहल के स्थानीय बीजेपी नेता गणेश ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, "कांग्रेस ने हमेशा से आतंकवादियों का समर्थन किया है और यह पार्टी खुद आतंकवाद को बढ़ावा देती है।" उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ या बीजेपी के बारे में कुछ भी बोलने से पहले अपनी जुबान पर लगाम लगानी चाहिए। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि बीजेपी इस मामले में खड़गे से बिना शर्त माफी की मांग करती है।
दरअसल, यह पूरा हंगामा तमिलनाडु में चुनाव प्रचार के आखिरी दिन शुरू हुआ था। वहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मल्लिकार्जुन खरगे ने कथित तौर पर पीएम मोदी के लिए 'आतंकवादी' शब्द का इस्तेमाल किया था। उनका कहना था कि प्रधानमंत्री केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर के अपने विरोधियों को 'आतंकित' कर रहे हैं। इस शब्द के इस्तेमाल से बीजेपी बुरी तरह भड़क गई और उसने इसे देश के प्रधानमंत्री का सीधा अपमान बताया।
बयान पर बढ़ते राजनीतिक विवाद को देखते हुए मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कलबुर्गी में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री को कभी 'आतंकवादी' नहीं कहा। खरगे ने अपनी सफाई में कहा, "मेरा मतलब यह था कि मोदी सरकार राजनीतिक विरोधियों को डरा रही है। देश में 'टैक्स आतंकवाद' चल रहा है।" उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी, सीबीआई और इनकम टैक्स जैसी एजेंसियों के जरिये नेताओं को डरा कर चुनाव हराने की साजिश रची जा रही है। खरगे ने जोर देकर कहा कि चेन्नई में भी उन्होंने साफ तौर यही बात की थी।
भारतीय जनता पार्टी ने इस मामले को बहुत गंभीरता से लिया है। बीजेपी ने खरगे की इस टिप्पणी के खिलाफ चुनाव आयोग में एक सख्त आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई है और उनके खिलाफ उचित कार्रवाई व माफी की मांग की है। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के खिलाफ इस तरह की भाषा का इस्तेमाल कोई 'संयोग' नहीं, बल्कि एक 'सोची-समझी साजिश' का हिस्सा है। इस घटना के बाद से ही चुनावी माहौल और ज्यादा गर्म हो गया है और दोनों प्रमुख पार्टियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है। ( इनपुट: ANI )