
Hyderabad School Kalma Controversy: मामला बुधवार का है। जब हैदराबाद के एक प्राइवेट स्कूल में क्लास 2 के होमवर्क को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। आरोप है कि एक हिंदू छात्र समेत पूरी क्लास को 'कलमा' और फातिहा पढ़ने का होमवर्क दिया गया। हिंदू छात्र के अभिभावकों ने इसका विरोध किया और पुलिस से इस बारे में शिकायत भी की। मामला बढ़ने पर स्कूल मैनेजमेंट ने उस मुस्लिम महिला टीचर को नौकरी से निकाल दिया। इस बीच स्कूल के बाहर भाजपा के नेताओं ने प्रदर्शन किया। जमकर नारेबाजी की। इसका वीडियो भी सामने आया है। मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को सामान्य करने के लिए 30 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया।
दरअसल, ये पूरा मामला हैदराबाद के सईदाबाद स्थित एक प्राइवेट स्कूल का है। बताया गया कि क्लास 2 में पढ़ने वाले करीब 25 छात्रों को होमवर्क के तौर पर 'कलमा' और फातिहा पढ़ने के लिए कहा गया था। इन छात्रों में 24 मुस्लिम और एक हिंदू छात्र था।
जब हिंदू छात्र के अभिभावकों ने होमवर्क देखा तो उन्होंने तुरंत स्कूल प्रशासन से आपत्ति जताई। इसके बाद उन्होंने स्थानीय पुलिस स्टेशन पहुंचकर भी शिकायत दर्ज कराई। उनका कहना था कि किसी भी छात्र पर धार्मिक पाठ पढ़ने का दबाव नहीं होना चाहिए।
मामले के सामने आते ही स्कूल प्रबंधन ने जांच शुरू की। जांच के बाद संबंधित टीचर की सेवाएं समाप्त कर दी गईं। स्कूल ने अपने बयान में कहा कि टीचर को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त किया जाता है। साथ ही भविष्य में सक्सेस ग्रुप ऑफ एजुकेशन इंस्टीट्यूशन्स की किसी भी शाखा में नौकरी के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया।
स्कूल प्रबंधन ने यह भी भरोसा दिलाया कि आगे से सभी शैक्षणिक गतिविधियां राष्ट्रीय शिक्षा नीति और स्कूल के नियमों के अनुसार ही संचालित की जाएंगी। भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो, इसके लिए आंतरिक निगरानी व्यवस्था भी मजबूत की जाएगी।
घटना की जानकारी मिलने के बाद BJP नेताओं और कार्यकर्ताओं ने स्कूल के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों पर धार्मिक शिक्षा थोपने की कोशिश की गई है। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को स्कूल परिसर में प्रवेश करने से रोक दिया ताकि कोई तनाव न फैले।
दक्षिण जोनके DCP खरे किरण प्रभाकर ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया कि होमवर्क में सभी छात्रों को 'कलमा' पढ़ने के लिए कहा गया था। उन्होंने कहा कि यह स्कूल और शिक्षा नीति दोनों के नियमों के खिलाफ है।
DCP के अनुसार, स्कूल प्रबंधन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए टीचर को बर्खास्त कर दिया। अभिभावकों ने भी स्पष्ट किया कि उन्हें स्कूल प्रबंधन से कोई शिकायत नहीं है। पुलिस ने बताया कि स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण है। एहतियात के तौर पर 30 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। फिलहाल किसी तरह का मामला दर्ज नहीं किया गया है। यदि आगे कोई औपचारिक शिकायत मिलती है तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।