POCSO Case: यह एक ऐसी कम उम्र लड़की का मामला है, जहां उसके पिता ने ही उसके साथ बलात्कार किया। पहले मां ने पक्ष में बयान दिए और बाद में मुकर गई। उसे अपने पिता को कठघरे में खड़ा करने के लिए बहुत पापड़ बेलने पड़े।
POCSO Case: खेलने कूदने की उम्र में एक नेपाली किशोरी (Nepali Girl) की मासूमियत उसके ही बाप ने छीन ली और वह लड़की ने इन्साफ के लिए अकेले ही यह लड़ाई लड़ी। हैदराबाद में उसने अपने पिता पर सन 2023 में चाकू की नोंक पर उसके साथ बलात्कार (Rape ) करने का आरोप लगाया। हालाँकि, न्याय तब मिला, जब नामपल्ली में पोक्सो (POCSO Act) मामलों की विशेष अदालत ने लड़की के पिता को शेष जीवन के लिए सश्रम कारावास की सज़ा सुनाई। जानकारी के अनुसार नेपाल से आए प्रवासी मज़दूरों की संतान किशोरी सितंबर 2023 में अपने घर पर सो रही थी, जब उसका पिता नशे में धुत्त होकर घर आया और चाकू की नोंक पर उसके साथ बलात्कार किया। लड़की ने अगले दिन अपनी माँ को घटना के बारे में बताया और दोनों ने डोमलगुडा पुलिस से संपर्क किया और शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और उसके खिलाफ सख्त पोक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया। नामपल्ली में पोक्सो मामलों की विशेष अदालत में मुकदमा शुरू हुआ। हालांकि, सुनवाई के दौरान घरेलू सहायिका के तौर पर काम करने वाली लड़की की मां अपने बयान से पलट गई और अपने पति के खिलाफ गवाही देने से मना कर दिया। उसने कहा कि पुलिस ने उसे झूठी शिकायत दर्ज कराने के लिए मजबूर किया था।
अदालत ने कहा कि उसके पहले के बयान में यह स्पष्ट रूप से दर्ज था कि उसकी बेटी ने उससे अपने पिता के यौन उत्पीड़न की शिकायत की थी, अदालत ने 18 मार्च को अपने अंतिम फैसले में कहा। आरोपी ने मुकदमे के दौरान तर्क दिया कि वह नपुंसक है और लड़की यह बताने में विफल रही कि उत्पीड़न कैसे हुआ। उन्होंने कहा कि घर में घरेलू हिंसा का मुद्दा था, जिसका फायदा उसके परिवार ने उसके खिलाफ झूठा मामला दर्ज करने के लिए उठाया। हालांकि, अदालत ने कहा कि "लड़की को अपने पिता के खिलाफ यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज करवाने की कोई जरूरत नहीं थी"। इस मामले से जुड़े 11 गवाहों, 14 प्रदर्शों और तीन सामग्रियों की जांच करने केबाद अदालत ने लड़की के पिता को सज़ा सुनाई और लड़की को 2 लाख मुआवजा देने का आदेश दिया।