राष्ट्रीय

मैं J P Nadda से ज्यादा समझदार और सीनियर हूं: कर्नाटक के डिप्टी सीएम ने किस मुद्दे पर कही ये बात

उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा कि मैं नड्डा से समझदार और वरिष्ठ राजनेता हूं। मैं पिछले 36 वर्षों से विधानसभा में हूं। मेरे पास बुनियादी सामान्य ज्ञान है।

2 min read
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार। (फोटो- ANI)

DK Shivakumar attacked JP Nadda: कर्नाटक में आरक्षण मुद्दे को लेकर राजनीतिक घमासान मचा हुआ है। उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने सोमवार को भाजपा पर पलटवार किया है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा पर हमला बोलते हुए कहा कि वह नड्डा से ज्यादा समझदार और सीनियर है। इसके साथ ही उन्होंने कहा​ कि मेरे बयान को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। उन्होंने कभी नहीं कहा कि संविधान बदल जाएगा। बता दें कि कर्नाटक सरकार के चार प्रतिशत अल्पसंख्यक कोटे के आदेश को लेकर दोनों दल आमने-सामने आ गए हैं। इसकी भाजपा ने अल्पसंख्यकों का तुष्टिकरण कहकर आलोचना की है। नड्डा ने राज्यसभा में बोलते हुए कहा कि संविधान धर्म के नाम पर आरक्षण की अनुमति नहीं देता है।

जेपी नड्डा पर लगाए ये आरोप

शिवकुमार ने अपने विरोधियों पर उन्हें गलत तरीके से उद्धृत करने और फर्जी खबरें फैलाने का आरोप लगाया। भाजपा प्रमुख जेपी नड्डा को भी आड़े हाथों लिया, जिन्होंने आज सुबह राज्यसभा में नारेबाजी और उपहास के साथ कर्नाटक के नेता और उनकी पार्टी पर संविधान को खत्म करने का प्रयास करने का आरोप लगाया।

कभी नहीं कहा, हम संविधान में करेंगे बदलाव

कांग्रेस नेता ने कहा कि मैं नड्डा से समझदार और वरिष्ठ राजनेता हूं। मैं पिछले 36 वर्षों से विधानसभा में हूं। मेरे पास बुनियादी सामान्य ज्ञान है। मैंने सहजता से कहा था कि विभिन्न निर्णयों (न्यायालय द्वारा) के बाद बदलाव होंगे। मैंने कभी नहीं कहा कि हम संविधान में बदलाव करने जा रहे हैं।

शिवकुमार ने कहा कि वे जो कुछ भी मेरे हवाले से कह रहे हैं, वह गलत है। वे इसे गलत तरीके से पेश कर रहे हैं। हम एक राष्ट्रीय पार्टी हैं, हमारी पार्टी इस देश में संविधान लेकर आई।

जानिए नड्डा ने क्या कहा

आपको बात दें कि राज्यसभा में सदन के नेता और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा, कर्नाटक विधानसभा में ठेकेदारों को ठेका देने के लिए 4% आरक्षण देने का प्रस्ताव पारित किया गया है। सरदार पटेल और अंबेडकर ने कहा था कि धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं होगा। तेलंगाना विधानसभा में सबसे पहले उन्होंने एससी, एसटी और ओबीसी के अधिकारों को छीनकर मुसलमानों और अल्पसंख्यकों को आरक्षण दिया।

Updated on:
24 Mar 2025 08:28 pm
Published on:
24 Mar 2025 05:25 pm
Also Read
View All

अगली खबर