आई-पैक के डायरेक्टर विनेश चंदेल को पटियाला हाउस कोर्ट से जमानत मिली। ईडी की मनी लॉन्ड्रिंग जांच के बीच वे तिहाड़ जेल से रिहा हुए। अदालत ने शर्तों के साथ राहत दी, जांच जारी रहेगी।
इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमिटी (Indian Political Action Committee) के निदेशक और सह-संस्थापक विनेश चंदेल को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उन्हें जमानत दे दी, जिसके बाद वे तिहाड़ जेल से रिहा हो गए। इस फैसले के बाद उनके समर्थकों और संगठन से जुड़े लोगों में खुशी का माहौल देखा गया। विनेश चंदेल के खिलाफ ED द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में जांच की जा रही थी। इसी जांच के चलते उन्हें पहले गिरफ्तार किया गया था। अदालत में उनके वकील अभिषेक ने जमानत के लिए आवेदन प्रस्तुत किया था, जिस पर 30 तारीख को डिटेल सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने चंदेल को राहत देते हुए जमानत मंजूर कर ली।
अदालत ने जमानत देते समय कुछ शर्तें भी निर्धारित कीं। इनमें 2 लाख रुपये का निजी मुचलका जमा करना शामिल था, जिसे उनके पक्ष ने पूरा कर दिया। इसके अलावा अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि चंदेल जांच में सहयोग करेंगे, नियमित रूप से जांच अधिकारी के सामने पेश होंगे और बिना अनुमति के देश से बाहर नहीं जाएंगे। इन सभी शर्तों को स्वीकार करने के बाद उनकी रिहाई का आदेश जारी किया गया।
विनेश चंदेल आई-पैक के प्रमुख चेहरों में से एक माने जाते हैं। यह संगठन राजनीतिक रणनीति तैयार करने, चुनाव प्रबंधन और विभिन्न दलों के लिए कैंपेनिंग का कार्य करता है। देश के कई राज्यों में यह संस्था दलों के लिए रणनीतिक सलाह देने में सक्रिय रही है। ऐसे में चंदेल की गिरफ्तारी से संगठन के कामकाज पर असर पड़ा था। उनकी रिहाई के बाद आई-पैक से जुड़े कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने इसे न्याय की जीत बताया है। उनका मानना है कि अदालत का फैसला निष्पक्ष प्रक्रिया का परिणाम है। हालांकि, यह मामला अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है, क्योंकि ईडी की जांच जारी है और आगे की कानूनी प्रक्रिया अभी बाकी है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि जांच एजेंसी आगे क्या कदम उठाती है और मामले की दिशा क्या रहती है। फिलहाल, विनेश चंदेल जमानत पर बाहर हैं और कानून के दायरे में रहकर अपने बचाव की तैयारी कर रहे हैं।