Delhi LPG Racket: दिल्ली में क्राइम ब्रांच ने 183 सिलेंडरों के साथ अवैध LPG रैकेट का भंडाफोड़ कर चार डिलीवरी एजेंटों को गिरफ्तार किया। आरोपी गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी और अवैध रिफिलिंग कर रहे थे।
Delhi Illegal LPG Racket Busted: राजधानी दिल्ली के संगम विहार इलाके में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़े अवैध एलपीजी रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कुल 183 इंडेन गैस सिलेंडर बरामद किए, जिनमें 154 भरे हुए और 29 खाली सिलेंडर शामिल हैं। यह खुलासा घरेलू गैस की कालाबाजारी और अवैध भंडारण के गंभीर नेटवर्क की ओर इशारा करता है।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी अधिकृत गैस एजेंसी से सिलेंडर लेने के बाद उन्हें ग्राहकों तक पहुंचाने के बजाय किराए के गोदामों में जमा कर लेते थे। इसके बाद इन सिलेंडरों का अवैध भंडारण और रिफिलिंग कर उन्हें ऊंचे दामों पर बेचा जाता था।
इस मामले में पुलिस ने चार आरोपियों शेर सिंह, सूरज परिहार, रघुराज सिंह और जितेंद्र शर्मा को गिरफ्तार किया है। हैरानी की बात यह है कि सभी आरोपी एक अधिकृत गैस एजेंसी के पंजीकृत डिलीवरी एजेंट हैं, जो अपने पद का दुरुपयोग कर इस अवैध कारोबार में शामिल थे।
दिल्ली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। फिलहाल मामले की गहन जांच जारी है और पुलिस इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है।
अवैध LPG रिफिलिंग न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह सुरक्षा के लिहाज से भी बेहद खतरनाक है। इस तरह के मामलों में आगजनी और विस्फोट का खतरा बना रहता है, जिससे लोगों की जान-माल को गंभीर नुकसान हो सकता है।
ईरान-इजराइल युद्ध के चलते वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव बढ़ गया है, जिसका असर भारत पर भी देखने को मिल रहा है। कच्चे तेल और गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव से LPG की लागत प्रभावित होती है, जिससे बाजार में अस्थिरता पैदा होती है। इस स्थिति का फायदा उठाकर अवैध रैकेट और सक्रिय हो जाते हैं, क्योंकि सप्लाई में बाधा और कीमतों में बढ़ोतरी के कारण उपभोक्ताओं को गैस की कमी का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे समय में कालाबाजारी करने वाले लोग अधिक मुनाफा कमाने के लिए अवैध भंडारण और ऊंचे दामों पर बिक्री जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देते हैं, जिससे आम जनता की परेशानी और बढ़ जाती है।