
Rain Alert: मौसम विभाग (IMD) की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। विभाग ने पहले दावा किया कि दिल्ली ने अगस्त के शुरुआती 10 दिनों में ही पूरे महीने का बारिश का कोटा पूरा कर लिया है, लेकिन कुछ ही घंटों बाद चुपचाप आंकड़े घटाकर अपनी गलती सुधार ली। असल में, 6 अगस्त के बारिश आंकड़ों में 18.7 मिमी की जगह गलती से 56 मिमी दर्ज हो गया था। इस गलती के ठीक होते ही दिल्ली फिर से अगस्त की औसत बारिश से करीब 36 मिमी पीछे हो गई है। साथ ही पिछले 15 दिनों में देश भर में बारिश का आंकड़ा 19% से घटकर 12% तो हुआ है, लेकिन कई राज्यों में अब भी बारिश का संकट बना हुआ है।
सोमवार को IMD ने बुलेटिन जारी कर बताया था कि दिल्ली में अगस्त के शुरुआती 10 दिनों में 234.5 मिमी बारिश हो चुकी है, जो पूरे महीने के औसत (233.1 मिमी) से अधिक है। लेकिन मंगलवार को मौसम विभाग ने चुपचाप इस आंकड़े को घटाकर 197.2 मिमी कर दिया। मीडिया के सवालों पर अधिकारियों ने माना कि 5 से 6 अगस्त के बीच सफदरजंग स्टेशन पर गलती से 18.7 मिमी की जगह 56 मिमी बारिश दर्ज हो गई थी। इस 37.3 मिमी के अंतर को अब सुधार लिया गया है। इस गलती के सुधरते ही दिल्ली अब फिर से अगस्त के औसत बारिश लगभग 36 मिमी पीछे हो गई है।
देशभर में मानसून की बात करें तो अगस्त के दूसरे हफ्ते में मानसून ने फिर से रफ्तार पकड़ ली है। बंगाल की खाड़ी के साथ-साथ ओडिशा और मध्य प्रदेश के ऊपर हवा का कम दबाव (Low Pressure) बनने से मानसूनी हवाएं दक्षिण की तरफ खिसक आई, जिससे मध्य भारत और राजस्थान में जमकर बारिश हुई। इस जमकर हुई बारिश की वजह से आंकड़ों में भी सुधार देखने को मिला है। पिछले 15 दिनों में बारिश का गणित तेजी से बदला है, जहां 27 जुलाई को देशभर में सामान्य से 19% कम बारिश हुई थी, जो 11 अगस्त तक सुधरकर 12% की कमी पर आ गई। हालांकि, कुल आंकड़ों में सुधार के बावजूद बारिश हर जगह एक जैसी नहीं हुई है। इसी वजह से देश के आधे से ज्यादा राज्यों में अब भी सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है।
देश के कुछ हिस्सों में बड़ा ही अजीब मौसम देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में नदियां उफान पर हैं, लेकिन बारिश का कुल आंकड़ा कम बना हुआ है।
उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश पर बने चक्रवातीय दबाव के कारण अगले 48 घंटों में पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इसके अलावा, मानसूनी ट्रफ के धीरे-धीरे उत्तर की ओर बढ़ने से उत्तर प्रदेश, बिहार और दिल्ली-एनसीआर में बारिश की गतिविधियों में तेजी आएगी, जिससे इन राज्यों में बारिश की कमी दूर हो सकती है।