
Heavy Rain Alert: देशभर में दक्षिण-पक्षिम मानसून अब तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसके साथ ही कई राज्यों में मौसम ने करवट ले ली है। मौसम विभाग ने महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, सिक्किम समेत कई राज्यों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। कुछ इलाकों में बहुत भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं, दूसरी ओर उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में अभी भी लू का असर बना रह सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार 30 जून को हिमालयी क्षेत्र के राज्य, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कई जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश का भी अनुमान है।
इसके अलावा 30 जून और फिर 2 से 3 जुलाई के दौरान कर्नाटक और गोवा में तेज बारिश होने की संभावना है। 2 और 3 जुलाई को मध्य महाराष्ट्र में भी मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। कर्नाटक के कई हिस्सों में भी इन दिनों अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है। निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका है।
मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून लगातार आगे बढ़ रहा है। अगले दो से तीन दिनों में इसके गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान के कई हिस्सों तक पहुंचने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं।
इसके अलावा देश के मध्य, पश्चिम और पूर्वी हिस्सों में बारिश का दायरा और तेज हो सकता है। कई राज्यों में गरज-चमक, तेज हवाएं और बिजली गिरने की घटनाएं भी देखने को मिल सकती हैं।
जहां एक ओर कई राज्यों में बारिश हो रही है, वहीं दूसरी ओर पूर्वी उत्तर प्रदेश में 30 जून को लू चलने की संभावना जताई गई है। हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 30 जून के दौरान हीट वेव का असर रह सकता है।
हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि जुलाई की शुरुआत के साथ उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे गिरावट आने लगेगी। इससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है।
भारी बारिश वाले इलाकों में रहने वाले लोग बिना जरूरत घर से बाहर न निकलें। मौसम विभाग की आधिकारिक चेतावनियों पर लगातार नजर रखें। नदियों, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें। बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों पर खड़े होने से बचें। यदि यात्रा जरूरी हो, तो पहले मौसम की स्थिति की जानकारी जरूर लें।
मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले कुछ दिन कई राज्यों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। इसलिए सतर्क रहना और प्रशासन की सलाह का पालन करना ही सबसे सुरक्षित उपाय होगा।