
राहुल गांधी(फोटो-ANI)
Congress: विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) को लेकर सियासी घमासान के बीच कांग्रेस ने अपनी चुनावी रणनीति बदल दी है। पार्टी ने उन विधानसभा सीटों पर विशेष फोकस शुरू किया है, जहां पिछले चुनाव में जीत-हार का अंतर पांच हजार वोट से कम रहा था। तीसरे चरण में शामिल कर्नाटक, तेलंगाना, पंजाब, दिल्ली, झारखंड, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, हरियाणा समेत उत्तर पूर्व के राज्यों में कांग्रेस बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देकर मतदाता सूची के हर दावे और आपत्ति पर नजर रखने की तैयारी कर रही है। पार्टी का मानना है कि करीबी मुकाबलों में कुछ हजार वोट भी चुनावी नतीजे बदल सकते हैं, इसलिए इस बार एसआइआर में पार्टी से जुड़े एक-एक वोट बचाने का लक्ष्य रखा गया है।
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण कार्यक्रम में साफ कहा कि जिन सीटों पर जीत-हार का अंतर चार-पांच हजार वोट का होता है, वहां यदि इतने ही मतदाताओं के नाम सूची से हट जाएं या प्रभावित हो जाएं तो कांग्रेस के लिए चुनाव जीतना बेहद कठिन हो जाएगा।
प्रदेश इकाइयों को निर्देश दिए गए हैं कि एसआइआर के दौरान आने वाले प्रत्येक दावे और आपत्तियों पर नजर रखें और जरूरत पड़ने पर तुरंत कानूनी और चुनाव आयोग के स्तर पर कार्रवाई करें। कांग्रेस हर बूथ पर मतदाता सूची का मिलान, नए वोटर्स के पंजीकरण, नाम हटने की शिकायतों की निगरानी की व्यवस्था पर काम कर रही है।
तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी ने कांग्रेस नेताओं को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि यदि वे एसआइआर अभियान को लेकर पार्टी के निर्देशों का पालन नहीं करेंगे, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी को नुकसान हुआ तो वह मूकदर्शक बनकर नहीं बैठेंगे।
कर्नाटक में 2023 के विधानसभा चुनाव के नतीजों में 224 में से 41 सीटों पर जीत-हार का अंतर 5,000 वोट से कम रहा। करीब 18% सीटें बेहद करीबी मुकाबले वाली थीं। तेलंगाना की 119 में से करीब 20 सीटों पर अंतर 5,000 वोट से कम था।
Published on:
30 Jun 2026 03:34 am
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