
IMD Alert:जन्माष्टमी का त्योहार देशभर में धूमधाम से मनाया गया। लेकिन कई राज्यों में बारिश भी जमकर हुई। दिल्ली से लेकर राजस्थान और मध्यप्रदेश तक कई इलाकों में तेज बारिश हुई। कई जगह सड़कें पानी में डूब गईं। नदियों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ा है।
उत्तर और मध्य भारत में हालात ज्यादा चिंताजनक हैं। कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। इसी बीच मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए भी भारी बारिश की चेतावनी दी है। यानी लोगों को फिलहाल राहत मिलने के आसार कम हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर-मध्यप्रदेश और उससे सटे दक्षिणी उत्तरप्रदेश के ऊपर निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। यह सिस्टम लगातार सक्रिय है। इसके कारण कई राज्यों में बारिश का दौर जारी है। पिछले 24 घंटे में पूर्वी मध्यप्रदेश के कुछ हिस्सों में बहुत भारी बारिश हुई। कुछ जगहों पर करीब 4 से 5 इंच तक पानी बरसा। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी तेज बारिश दर्ज की गई।
पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी उत्तरप्रदेश में भी कई इलाकों में भारी बारिश हुई। पश्चिमी मध्यप्रदेश में भी मौसम का असर देखने को मिला। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, नागालैंड और पश्चिम बंगाल में भी कई स्थानों पर जोरदार बारिश हुई।
भारी बारिश के कारण उत्तरप्रदेश के 23 जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। वाराणसी और चित्रकूट सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में बताए जा रहे हैं। गोंडा में घाघरा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। कानपुर के कई गांवों में नदी का पानी पहुंच गया है।
बिहार में भी स्थिति गंभीर है। राज्य के 16 जिलों में करीब पांच लाख लोग बाढ़ से प्रभावित बताए गए हैं। गंगा समेत आठ प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। कटिहार में कई बच्चे नाव के जरिए स्कूल पहुंच रहे हैं। मध्यप्रदेश में भी मंदाकिनी और नर्मदा नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर पहुंच गया है। छतरपुर, सतना, मंडला और मैहर समेत कई जिलों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। पानी का दबाव कम करने के लिए बाणसागर और बरगी बांध से पानी छोड़ा जा रहा है।
मौसम विभाग ने शनिवार को कई राज्यों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इनमें हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश, दिल्ली, पंजाब और बिहार शामिल हैं। पूर्वी राज्यों में भी बारिश का अलर्ट है।
पूर्वी राजस्थान और मध्यप्रदेश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। रविवार और सोमवार को भी उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। मौसम पर एक साथ कई सिस्टम असर डाल रहे हैं। उत्तर-मध्यप्रदेश में निम्न दबाव क्षेत्र सक्रिय है। मानसून ट्रफ भी अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर में है।
उत्तर-पूर्वी राजस्थान से मणिपुर तक एक ट्रफ बनी हुई है। दक्षिणी गुजरात से झारखंड तक भी सिस्टम सक्रिय है। इसके अलावा एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी मध्य और ऊपरी स्तर पर प्रभाव डाल रहा है। ऐसे में अगले दो दिन बारिश के लिहाज से बेहद अहम रहने वाले हैं। लोगों को मौसम विभाग की चेतावनी पर नजर रखने और जलभराव वाले इलाकों में सावधानी बरतने की जरूरत है।