
IMD Weather Alert November 2025: देश में सर्दी ने दस्तक दे दी है। सर्दी धीरे-धीरे अपना रंग दिख रही है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 23 नवंबर 2025 से अगले एक हफ्ते तक के मौसम का बुलेटिन (IMD Weather Alert November 2025) जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ का असर उत्तर-पश्चिमी इलाकों में बना हुआ है, जिससे ठंडी हवाएं चल रही हैं। बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का नया क्षेत्र बन रहा है, जिससे दक्षिण भारत में बारिश होगी। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण के मौसम में बदलाव हो रहा है। बंगाल की खाड़ी के कम दबाव से तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और केरल में अगले 48 घंटों में भारी बारिश (Heavy Rain) हो सकती है। IMD ने रेड और ऑरेंज अलर्ट ( India Red Orange Alert) जारी किए हैं, जहां 24 घंटों में 100-150 मिमी बारिश दर्ज हो सकती है। वहीं चेन्नई और कोच्चि में बाढ़ आने का अंदेशा है, जबकि तापमान 25-28 डिग्री के आसपास रहेगा।
मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर भारत ठंड और कोहरे की चपेट में है। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में अगले 3 दिनों तक घना कोहरा छाया रहेगा। IMD ने रेड अलर्ट जारी किया है, जहां सुबह-शाम विजिबिलिटी 50 मीटर से कम हो सकती है। तापमान 8-12 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा, जबकि न्यूनतम 4-6 डिग्री तक लुढ़क सकता है। जम्मू-कश्मीर और हिमाचल में हल्की बर्फबारी होने की संभावना है।
मौसम विभाग के मुताबिक पूर्वी भारत में बिहार, झारखंड और ओडिशा में हल्की बारिश के साथ ठंड बढ़ेगी। तापमान 15-20 डिग्री रहेगा, लेकिन नमी से उमस महसूस होगी। पश्चिमी राज्यों जैसे महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान में ज्यादातर शुष्क मौसम रहेगा। मुंबई में हल्की बूंदाबांदी संभव है, लेकिन तापमान सामान्य 24-30 डिग्री। राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों में दिन में धूप तो रात में ठिठुरन रहेगी।
पिछले सप्ताह यानि 16 से 22 नवंबर 2025 तक सबसे ज्यादा बारिश दक्षिण भारत में हुई। तमिलनाडु, केरल, कोस्टल आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में भारी से अति भारी बरसात दर्ज की गई। चेन्नई, कोच्चि और त्रिवेंद्रम जैसे शहरों में कई जगह 100 से 200 मिमी तक पानी गिरा, जिससे सड़कें डूब गईं और बाढ़ जैसी स्थिति बन गई। अंडमान-निकोबार में भी हफ्ते भर हल्की-मध्यम बारिश जारी रही। जबकि उत्तर भारत में बारिश लगभग न के बराबर थी। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान पूरी तरह शुष्क रहे। मध्य भारत में मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों और छत्तीसगढ़ में सिर्फ 17-19 नवंबर को हल्की फुहारें पड़ीं, बाकी जगह सूखा ही रहा। कुल मिला कर बारिश का पूरा खेल दक्षिण तक सीमित था, जबकि उत्तर में सिर्फ ठंड और कोहरे का जोर रहा।