India weather update: अगले तीन दिनों में देशभर के मौसम का मिजाज बदल सकता है। कहीं तापमान में बढ़ोतरी तो कहीं बारिश की संभावना, जानिए उत्तर, मध्य और दक्षिण भारत का ताजा मौसम पूर्वानुमान।
IMD Weather Forecast: भारत में इस साल सर्दियों की विदाई उम्मीद से कहीं ज्यादा जल्दी होती दिख रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा अनुमानों के मुताबिक, 28 फरवरी से लेकर 2 मार्च तक उत्तर और मध्य भारत के बड़े हिस्से में तापमान सामान्य से काफी ऊपर रहने वाला है। ला-नीना के प्रभाव में कमी और पहाड़ों पर कमजोर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के चलते मैदानी इलाकों में मार्च की शुरुआत से पहले ही तपिश पैदा कर दी है।
राजधानी दिल्ली समेत उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में शनिवार (28 फरवरी) से ही मौसम का मिजाज काफी गर्म रहेगा। राजस्थान के कुछ पश्चिमी जिलों जैसे बाड़मेर और जैसलमेर में अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस के स्तर को छू सकता है। वहीं, दिल्ली-NCR में 1 और 2 मार्च को तेज धूप के कारण दोपहर का तापमान 34 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के आसार हैं। सुबह और रात के समय हल्की गुलाबी ठंडक अभी बरकरार रहेगी, लेकिन दिन में चलने वाली शुष्क हवाएं गर्मी का अहसास कराएंगी।
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में भी गर्मी का प्रकोप बढ़ने लगा है। लखनऊ से लेकर भोपाल तक आसमान पूरी तरह साफ रहेगा और बादलों की आवाजाही न होने से सूरज की किरणें सीधे धरती पर प्रभाव डालेंगी। बिहार और झारखंड में भी मौसम तेजी से बदल रहा है। यहां अगले तीन दिनों में तापमान में 2-4 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक वृद्धि देखी जाएगी। हालांकि, पूर्वी तटीय क्षेत्रों जैसे ओडिशा और पश्चिम बंगाल में हल्की नमी वाली हवाएं चलने से उमस बढ़ सकती है, लेकिन बारिश की फिलहाल कोई ठोस संभावना नहीं जताई गई है।
हिमालयी क्षेत्रों की बात करें तो 2 मार्च के आसपास एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ दस्तक दे सकता है। इसके प्रभाव से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के ऊंचे इलाकों में हल्की बर्फबारी या बूंदाबांदी हो सकती है, लेकिन इसका असर मैदानी इलाकों को ठंडा करने के लिए पर्याप्त नहीं होगा। दूसरी ओर, दक्षिण भारत के केरल और तटीय तमिलनाडु में मार्च के पहले दो दिनों में छिटपुट बारिश की संभावना बनी हुई है, जिससे वहां के तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की जा सकती है।
मौसम विशेषज्ञों ने किसानों को सतर्क करते हुए कहा है कि अचानक बढ़ती गर्मी गेहूं की फसल के दाने पकने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों में हल्की सिंचाई जारी रखें। आम जनता के लिए भी अचानक बदलते मौसम के कारण स्वास्थ्य संबंधी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, क्योंकि दिन और रात के तापमान में 15 डिग्री सेल्सियस से अधिक का अंतर देखा जा रहा है।