राष्ट्रीय

Dharmasthala mass grave case: धर्मस्थल में शवों को सामूहिक रूप से दफनाने के मामले में SIT ने छठे कब्रिस्तान से हड्डियां की बरामद

Dharmasthala mass grave case: बारिश के बाद भी चिन्हिंत कब्रिस्तानों में गुरुवार को भी खुदाई का काम तीसरे दिन जारी रहा। दरअसल, कब्रिस्तान संख्या 6, 7 और 8 में खुदाई का काम चल रहा है।
2 min read
Jul 31, 2025
Feature image
छठे कब्रिस्तान से हड्डियां की बरामद (Photo-IANS)

Dharmasthala mass grave case: कर्नाटक के मंगलुरु जिले में एक हिंदू तीर्थस्थल पर छठे कब्रिस्तान की खुदाई के दौरान एसआईटी ने हड्डियां बरामद की है। SIT के सुत्रों ने गुरुवार को इसकी पुष्टि हुई है। सूत्रों के मुताबिक वन क्षेत्र में स्थित छठे कब्रिस्तान से दो हड्डियां बरामद की गईं। दरअसल, हड्डियों की बरामदगी के बाद एसआईटी ने अपना ध्यान उस स्थल की सावधानीपूर्वक और विस्तृत खुदाई पर केंद्रित कर दिया है, और पूरी टीम को इस प्रक्रिया में सहायता के लिए तैनात किया गया है।

मौके पर चल रही खुदाई

छठे कब्रिस्तान में हड्डियां मिलने के बाद एसआईटी प्रमुख डीजीपी पी. मोहंती और डीआईजी एम.एन. अनुचेत घटनास्थल पर पहुंच रहे हैं। वहीं तहसीलदार, फोरेंसिक विज्ञान विशेषज्ञों और एसआईटी कर्मियों की मौजूदगी में खुदाई की जा रही है।

कब्रिस्तान में दबे हो सकते है 8 शव

बता दें कि बरामद हड्डियों का दस्तावेजीकरण किया जाएगा और आगे की जांच व डीएनए विश्लेषण के लिए उन्हें फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) भेजा जाएगा। वहीं SIT सूत्रों के मुताबिक इस कब्रिस्तान में 8 शब दबे हुए हैं।

9 अतिरिक्त पुलिसकर्मी किए गए तैनात 

हालांकि अभी तक इस बारे में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है। डीजीपी और आईजीपी एम.ए. सलीम ने चल रही जांच में एसआईटी की सहायता के लिए नौ अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को तैनात करने का आदेश जारी किया है। इससे पहले विभाग ने एसआईटी को 20 पुलिस अधिकारी उपलब्ध कराए थे।

इन कब्रिस्तानों में चल रही खुदाई

बता दें कि बारिश के बाद भी चिन्हिंत कब्रिस्तानों में गुरुवार को भी खुदाई का काम तीसरे दिन जारी रहा। दरअसल, कब्रिस्तान संख्या 6, 7 और 8 में खुदाई का काम चल रहा है। खुदाई के लिए नगर निगम के कर्मचारियों को तैनात किया जा रहा है, जबकि तहसीलदार, फोरेंसिक विज्ञान विशेषज्ञ और शिकायतकर्ता भी निगरानी के लिए मौके पर मौजूद हैं।

शिकायतकर्ता ने किया ये दावा

दरअसल, 11 जुलाई को मामले में एक शिकायतकर्ता ने दावा किया था कि उसे बलात्कार और हत्या की शिकार कई महिलाओं और लड़कियों के शवों को दफनाने के लिए मजबूर किया गया था। वह मंगलुरु की एक कोर्ट में पेश हुआ और अपना बयान दर्ज कराया। 

Updated on:
31 Jul 2025 03:58 pm
Published on:
31 Jul 2025 03:52 pm