संसद में आज रिवाइजड इनकम टैक्स बिल पेश किया गया है। इसमें 285 बदलाव कर के इसे 50 प्रतिशत तक सरल बनाया गया है।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आद संसद में रिवाइजड इनकम टैक्स बिल पेश किया है। यह नया आयकर बिल दशकों पुराने आयकर अधिनियम, 1961 की जगह लेगा। इस बिल को पहले शुक्रवार को लोकसभा में पेश किया गया था, लेकिन सदन की कार्यवाही स्थगित हो गई जिसके चलते इसे वापस ले लिया गया था। जिसके बाद बीजेपी सांसद बैजयंत पांडा की अध्यक्षता वाली सलेक्ट कमेटी के सुझावों के आधार पर इसमें कई बदलाव किए गए और इसे आज दुबारा सदन में पेश किया गया है।
इस बिल को वापस लिए जाने पर टैक्स स्लैब में बदलाव होने का अनुमान लगाया जा रहा था। हालांकि आयकर विभाग ने ह स्पष्ट कर दिया था कि इसमें टैक्स स्लैब को लेकर कोई बदलाव नहीं किए गए है। सलेक्ट कमेटी ने इस नए बिल में 285 बदलाव किए है और इसे 50 प्रतिशत तक सरल बना दिया है। यह बिल 13 फरवरी को लोकसभा में पेश किया गया था लेकिन इसमें काफी कन्फ्यूजन था जिसके चलते इसका नया वर्जन पेश किया गया है।
इस आयकर बिल में कमेटी के दिए गए कुछ मुख्य सुझावों में टैक्स रिफंड, इंटर-कॉर्पोरेट डिविडेंड्स और शून्य टीडीएस प्रमाण पत्र जैसे सुझाव शामिल है। टैक्स रिफंड के सुझाव के तहत बिल के उस प्रावधान का हटाने का सुझाव दिया गया है जिसके तहत आयकर रिटर्न तय समयसीमा पर फाइल न किया गया तो रिफंड नहीं मिलता था। इसके अलावा इनकम टैक्स बिल के सेक्शन 80एम में कुछ कंपनियों को इंटर-कॉर्पोरेट डिविडेंड्स देने का प्रवाधान था लेकिन नए बिल में इसे हटा दिया गया है। साथ ही कमेटी ने टैक्सदाताओं को शून्य टीडीएस प्रमाण पत्र देने का सुझाव भी दिया है।