राष्ट्रीय

Income Tax: अब अधिकारी माफ या कम कर सकेंगे टैक्सपेयर का ब्याज, जानिए क्या है नियम

Income Tax: आयकर विभाग ने बड़ा कदम उठाते हुए टैक्स अधिकारियों को कुछ शर्तों के साथ करदाताओं पर बकाया ब्याज को माफ करने या कम करने की अनुमति दे दी है।

less than 1 minute read

Income Tax: आयकर विभाग ने बड़ा कदम उठाते हुए टैक्स अधिकारियों को कुछ शर्तों के साथ करदाताओं पर बकाया ब्याज को माफ करने या कम करने की अनुमति दे दी है। आयकर अधिनियम की धारा 220 (2ए) के तहत यदि कोई करदाता किसी नोटिस के बाद भी कर राशि का भुगतान करने में विफल रहता है तो उसे भुगतान करने में देरी की अवधि के लिए एक प्रतिशत प्रति माह की दर से ब्याज का भुगतान करना होगा।

जानिए क्या है नियम

नए नियमों के मुताबिक प्रधान मुख्य आयुक्त (पीआरसीसीआइटी), मुख्य आयुक्त (सीसीआइटी), प्रधान आयुक्त (पीआरसीआइटी) या आयुक्त रैंक के अधिकारी ब्याज राशि कम या माफ कर सकेंगे। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) की ओर से जारी सर्कुलर के मुताबिक पीआरसीआइटी रैंक का अधिकारी 1.5 करोड़ रुपए से अधिक के बकाया ब्याज को कम करने या माफ करने का फैसला कर सकता है। सीसीआइटी रैंक का अधिकारी 50 लाख रुपए से 1.5 करोड़ रुपए तक के बकाया ब्याज के लिए छूट/कटौती का फैसला करेगा, जबकि पीआरसीआइटी या आयकर आयुक्त 50 लाख रुपए तक के बकाया ब्याज पर फैसला कर सकेगा।

यह होंगी तीन शर्तें

  1. ऐसी राशि के भुगतान से करदाता को वास्तविक कठिनाई हुई या होगी।
  2. ब्याज भुगतान में चूक करदाता के नियंत्रण से परे परिस्थितियों के कारण हुई।
  3. करदाता ने कर निर्धारण से संबंधित जांच में या उससे देय राशि की वसूली की कार्यवाही में सहयोग किया।
Published on:
06 Nov 2024 08:53 am
Also Read
View All

अगली खबर