Independence Day 2021: तत्कालीन वायसराय लॉज (मौजूदा राष्ट्रपति भवन) में पण्डित नेहरू ने अपना ऐतिहासिक भाषण 'ट्रिस्ट विद डेस्टनी' दिया था। उनके इस भाषण को पूरे भारतवर्ष ने सुना परन्तु महात्मा गांधी ने इस भाषण को नहीं सुना।
Independence Day 2021: नई दिल्ली। देश आज अपनी आजादी की 75वीं वर्षगांठ मना रहा है। इस अवसर पर ऐसी कई बातें हैं जिनका जिक्र किए बगैर आजादी का अनुभव नहीं किया जा सकता। बहुत कम लोग जानते हैं कि देश की स्वाधीनता की पूर्व रात्रि यानि 14 अगस्त 1947 की आधी रात को देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने एक भाषण दिया था। इस भाषण को भारतीय इतिहास में 'ट्रिस्ट विद डेस्टिनी' के नाम से जाना जाता है।
तत्कालीन वायसराय लॉज (मौजूदा राष्ट्रपति भवन) में पण्डित नेहरू ने यह ऐतिहासिक भाषण दिया था। उनके इस भाषण को पूरे भारतवर्ष ने सुना परन्तु देश को स्वाधीन कराने में अति महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले महात्मा गांधी ने इस भाषण को नहीं सुना। वो उस दिन बिना भाषण सुने ही नौ बजे सोने चले गए थे।
अपने इस भाषण में पण्डित नेहरू ने कहा कि कई वर्ष हमने अपने भाग्य को बदलने का प्रयास किया था और हम उसमें कामयाब भी हुए हैं। आज रात 12 बजे जब पूरी दुनिया सो रही होगी तब भारत स्वतंत्र जीवन के साथ नई शुरूआत करेगा। इस अवसर पर हम पूरे समर्पण के साथ भारत देश और उसकी जनता की सेवा के लिए प्रतिज्ञा ले रहे हैं। आज एक युग का अंत हो रहा है और भारत खुद को खोजने की ओर बढ़ रहा है।
उन्होंने आगे अपने भाषण में कहा कि भविष्य में हमें आराम से नहीं बैठना है बल्कि लगातार प्रयास करते रहना है ताकि हम जो बात कह रहे हैं, उसे पूरा कर सके। हमारा अतीत हमसे जुड़ा हुआ है और हम जो वचन लेते रहे हैं, उन्हें निभाना है। हमारे लिए एक नया इतिहास शुरू हो चुका है, एक ऐसा इतिहास, जिसके बारे में दूसरे लोग लिखेंगे।