
वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस में रूस के अधिकारी। (फोटो- IANS)
युद्ध की आग में जल रहे रूस और यूक्रेन के राजनयिक शांति के लिए भारत में ध्यान लगाते हुए नजर आए। दरअसल, रूस और यूक्रेन के दूतावास के अधिकारी वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस (VGRC) में ध्यान साधना की सत्र में शामिल हुए थे।
यह नजारा देखने लायक था। सूरत के हजीरा में ऑरो यूनिवर्सिटी में चल रहे इस कार्यक्रम में अब तक 200 से ज्यादा लोग ध्यान लगा चुके हैं।
पहले दिन यूक्रेन के भारत में राजदूत ओलेक्सांद्र पोलिशचुक अपनी पत्नी कतेरीना बिला और वाणिज्य दूत अन्ना जाइचेंको के साथ ध्यान सत्र में पहुंचे।
दूसरे दिन रूस के दूतावास की अधिकारी ज्लाता एंटुशेवा और अल्बर्ट सफिउलिन ने हिस्सा लिया। दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने ध्यान के बाद बहुत अच्छा अनुभव बताया।
यह देखकर हैरानी होती है कि जहां दोनों देशों के बीच युद्ध चल रहा है, वहीं यहां वे शांति और ध्यान के लिए साथ बैठे। आयोजकों ने कहा कि दोनों पक्षों ने सत्र के बाद अपनी संतुष्टि जताई।
श्री अरविंदो इंटीग्रल लाइफ सेंटर द्वारा आयोजित ये फ्री ध्यान सत्र 9 मई सुबह से लेकर शाम 6 बजे तक चल रहे हैं। अलग-अलग बैच में लोग शामिल हो रहे हैं। 5 मई तक यह कार्यक्रम जारी रहेगा।
कैंपस में खास ध्यान हॉल और साउंड गार्डन (सेंसरियम) बनाया गया है जहां लोग ध्यान कर रहे हैं। अभी तक 200 से ज्यादा प्रतिनिधि और मेहमान इसमें शामिल हो चुके हैं। गुजरात पुलिस और राज्य सरकार के अधिकारी भी इसमें पहुंच रहे हैं।
सिर्फ रूस और यूक्रेन ही नहीं, जापान के प्रतिनिधियों ने भी ध्यान सत्रों में भाग लिया। यह VGRC को सिर्फ व्यापार और आर्थिक चर्चा का मंच नहीं बल्कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक अनुभव देने वाला बना रहा है।
आयोजकों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों के आने के कारण बैच बढ़ाकर व्यवस्था की गई है ताकि हर इच्छुक व्यक्ति शामिल हो सके।
वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस औपचारिक बैठकें और व्यापार चर्चाओं के लिए जाना जाता है, लेकिन इस बार ध्यान सत्रों ने इसमें एक नया रंग भर दिया है।
आयोजक चाहते हैं कि आने वाले मेहमान सिर्फ बिजनेस ही न करें बल्कि शांति और मानसिक स्वास्थ्य का भी अनुभव लें। पहले दो दिनों में अच्छी संख्या में लोग पहुंचे हैं। 5 मई तक और भी ज्यादा प्रतिभागी आने की उम्मीद है।
Published on:
03 May 2026 06:36 pm
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