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स्वतंत्रता दिवस से पहले सुरक्षा एजेंसियों का बड़ा एक्शन, आतंकी शहजाद भट्टी नेटवर्क का सफाया

Terror Network Busted: भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने स्वतंत्रता दिवस से पहले आतंकी हमलों का बड़ा प्लान नाकाम कर पाकिस्तान समर्थित आतंकी शहजाद भट्टी नेटवर्क का सफाया कर दिया है। एजेंसियों ने नेटवर्क से जुड़े 200 गुर्गों को भी गिरफ्तार किया है।
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आतंकी शहजाद भट्टी नेटवर्क पर सुरक्षा एजेंसियों का एक्शन, photo source@ANI file photo

Anti Terror Operation: देश की सुरक्षा एजेंसियों ने स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले बड़े आतंकी हमलों को नाकाम करते हुए ISI के सपोर्ट वाले आतंकी ग्रुप शहजाद भट्टी नेटवर्क का पूरी तरह से सफाया कर दिया है। कई राज्यों में चली कार्रवाई में नेटवर्क से जुड़े 200 से ज्यादा ऑपरेटिव्स को गिरफ्तार करके उसके खतरनाक हमलों के प्लान को नाकाम कर दिया।

गृहमंत्री अमित शाह ने की पुष्टि

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई की पुष्टि की है। 14 राज्यों में एक साथ छापेमारी कर 253 लोगों को हिरासत में लिया गया और नेटवर्क से जुड़े 200 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस कार्रवाई में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब और राजस्थान सहित कई राज्यों की पुलिस और एटीएस (ATS) ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया। इस आतंकवादी नेटवर्क के खिलाफ देश भर में 80 से अधिक एफआईआर दर्ज की गईं।

हथियार व संदिग्ध सामग्री बरामद

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि, देश की सुर​क्षा एजेंसियों ने 14 राज्यों में अलग-अलग जगहों पर मिलकर ऑपरेशन चलाकर नेटवर्क को खत्म कर दिया, जो आतंकवाद के प्रति भारत की जीरो-टॉलरेंस की शानदार मिसाल है। ISI से समर्थित इस संगठन से IED, पाकिस्तान ऑर्डनेंस फैक्ट्री के निशान वाले ग्रेनेड, पिस्टल, जिंदा कारतूस और जासूसी के लिए इस्तेमाल होने वाले CCTV कैमरे समेत काफी सामान बरामद किया गया। यह नेटवर्क कई आतंकी गतिविधियों में शामिल था। यह नेटवर्क सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को जोड़कर भीड़भाड़ वाले इलाकों, पुलिस और सैन्य ठिकानों पर हमलों की फिराक में था।

आतंकी नेटवर्क यूं करता था काम

मिली जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान से गैंगस्टर और हैंडलर शहजाद भट्टी तथा उसके सहयोगियों द्वारा सोशल मीडिया (जैसे इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप) के जरिए आर्थिक रूप से कमजोर, कम पढ़े-लिखे या नशे के आदी युवकों को निशाना बनाया जाता था।

शुरुआत में संगठन से जुड़े गुर्गों को पुलिस स्टेशनों की रेकी करने या वीडियो बनाने जैसे छोटे कामों के लिए 12,000 से 25,000 रुपए तक दिए जाते थे और फिर उन्हें ग्रेनेड फेंकने या पेट्रोल बम से हमले जैसे बड़े कार्यों के लिए तैयार किया जाता था। यह नेटवर्क 'तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान' (TTH) जैसी छद्म विचारधारा और प्रॉपेगैंडा फैलाने के साथ-साथ हथियारों की तस्करी और जासूसी गतिविधियों में भी सक्रिय था।

Updated on:
17 Aug 2026 04:00 pm
Published on:
17 Aug 2026 03:59 pm