
Supreme Court March: राहुल गांधी के सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) तक निकाले गए मार्च को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) लगातार हमलावर हो रही है। बीजेपी नेता निशिकांत दुबे ने यहां तक कह दिया कि राहुल गांधी देश में इमरजेंसी लगाना चाहते हैं। यह बात उन्होंने सोमवार को इंडिया गठबंधन द्वारा किए जा रहे सुप्रीम कोर्ट तक के मार्च पर प्रतिक्रिया देते हुए कही। साथ ही उन्होंने कहा कि देश में यदि प्रधानमंत्री को या मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाना होता है, तो उसकी एक लोकतांत्रिक प्रक्रिया होती है। लेकिन राहुल गांधी उसका उपयोग करना नहीं चाहते।
राहुल गांधी पर जुबानी हमला करते हुए निशिकांत दुबे ने कहा कि जिस तरह इंदिरा गांधी ने संविधान को ताक पर रखकर इमरजेंसी लगाई थी, यह उन्हीं का पोता है जो इमरजेंसी लाना चाहता है। आगे उन्होंने कहा कि अगर देश में किसी चुने हुए प्रधानंत्री को हटाना है तो उसके दो रास्ते होते हैं। एक तो चुनाव के जरिए और दूसरा है अविश्वास प्रस्ताव के जरिए।
सुप्रीम कोर्ट तक किए गए मार्च को लेकर दुबे ने कहा कि क्या आपने 1947 के बाद कभी सुप्रीम कोर्ट के बाहर इस तरह के विरोध प्रदर्शन के बारे में सुना है। उन्होंने कहा कि याचिका पर सीजेआई सुनवाई करेंगे। आप रिट याचिका दायर करेंगे, कोई वकील लड़ेगा। इस तरह से एक पूरी प्रक्रिया होती है। सुप्रीम कोर्ट के बाहर विरोध प्रदर्शन करना उचित नहीं है। भारत में ऐसा कभी भी देखने को नहीं मिला है।
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के इस्तीफे की मांग पर निशिकांत दुबे ने कहा कि CEC को पद से हटाने की भी एक प्रक्रिया होती है। इस तरह से विरोध के जरिए देश का माहौल खराब करके ऐसा नहीं किया जा सकता। दुबे ने कहा कि इसके लिए संविधान में महाभियोग प्रस्ताव की प्रक्रिया का जिक्र है। उसका पालन करना चाहिए।
अपने एक्स अकाउंट पर एक पोस्ट के जरिए दुबे ने कहा कि राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति,प्रधानमंत्री, मुख्य चुनाव आयुक्त के बाद अब राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का भी इस्तीफा मांग लिया। ऐसे में उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी जी प्रधानमंत्री बनेेंगे। इसके बाद वे शरजील इमाम को राष्ट्रपति, अभिजीत दीपके को उपराष्ट्रपति, प्रियंका गांधी जी को सुप्रीम कोर्ट की मुख्य न्यायाधीश और खलिस्तानी पन्नू मुख्य चुनाव आयुक्त बनाए जाएंगे।