
Save Democracy March: इंडिया ब्लॉक के 140 से अधिक सांसदों का स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मार्च शुरू हो गया है। इंडिया ब्लॉक के नेता संसद भवन से भारत निर्वाचन आयोग तक मार्च कर रहे हैं। इसके मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। इस मार्च से आम आदमी पार्टी और डीएमके ने दूरी बनाई हुई है। आप का कहना है कि वह अपनी लड़ाई खुद लड़ रही है। दिलचस्प बात यह है कि इस मार्च को ओडिशा की मुख्य विपक्षी दल बीजू जनता दल का साथ मिल गया है। ओडिशा के नेता प्रतिपक्ष नवीन पटनायक ने मार्च को समर्थन दिया है।
विरोध मार्च के दौरान कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि हम अन्याय के खिलाफ लड़ रहे हैं। सरकार आजादी के बाद मिले वयस्क मताधिकार को खत्म करने की कोशिश कर रही है और CEC सरकार की कठपुतली है। वो वही करते हैं जो मोदी और शाह कहते हैं। हम लड़ते रहेंगे।
कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने कहा कि अब ये पता चल गया कि ये चोरी की सरकार है। चोरी की सरकार को कोई नैतिकता नहीं है। मुझे लगता है कि ये सरकार बर्खास्त हो और फिर से लोकसभा का चुनाव हो।
सपा सांसद अखिलेश यादव ने कहा कि पहले भी चुनाव आयोग पर आरोप लगे हैं, चुनाव आयोग ने 2017, 2019, 2022, 2024 में बेईमानी की और बंगाल में पूरा का पूरा खुला खेल किया। चंडीगढ़ चाल कौन भूल जाएगा? सपा सांसद इकरा हसन ने कहा कि एक रिपोर्ट में साफ तौर पर लिखा गया कि 14 बार सहमति से फैसला नहीं हुआ। विपक्ष पहले दिन से कह रहा है कि ज्ञानेश कुमार भाजपा के एजेंट की तरह काम कर रहे हैं।
INDIA ब्लॉक के सांसदों के विरोध मार्च पर कांग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि चुनाव आयोग ने जिस तरह से मताधिकार छीनने का काम किया है उसके खिलाफ आज राहुल गांधी की अगवाई में चुनाव आयोग के खिलाफ पूरा INDIA ब्लॉक प्रदर्शन करने जा रहा है। राहुल गांधी उसका नेतृत्व करेंगे। जब तक ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा नहीं होगा तब तक हम छोड़ेंगे नहीं।"