
Rahul Gandhi: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और एसआईआर प्रक्रिया को लेकर विपक्ष के 10 सांसदों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की। यह बैठक तकरीबन आधे घंटे तक हुई। राष्ट्रपति भवन से बाहर आने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, ममता बनर्जी सहित कई नेताओं ने मीडिया से बातचीत में बैठक के बारे में जानकारी दी। बैठक के बारे में बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा कि राष्ट्रपति ने वोट चोरी का खंडन नहीं किया, लेकिन हमसे इस संबंध में सबूत पेश करने की बात कही।
मुलाकात के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि गठबंधन के नेताओं ने पिछले चार दिनों से चल रहे आंदोलन और वोट चोरी के मुद्दे से राष्ट्रपति को अवगत कराया है। उन्होंने कहा कि हमने वोट चोरी और ज्ञानेश कुमार की बड़ी गलती के मुद्दे को हाईलाइट किया। उन्होंने मांग की कि ईवीएम को हटाकर अब चुनाव सिर्फ 'बैलट पेपर' से कराए जाएं। खड़गे ने बताया कि राष्ट्रपति ने वोट चोरी से जुड़े सबूत मांगे हैं, जिन्हें विपक्ष जल्द ही पूरी जानकारी के साथ जमा करेगा। उन्होंने यह भी कहा सबसे बढ़कर हमने इस बात पर जोर दिया कि PM मोदी और अमित शाह देश की डेमोक्रेसी को खत्म करने पर तुले हुए हैं और उस दिशा में एक्टिवली कदम उठा रहे हैं।
मीडिया को जवाब देते हुए पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि राष्ट्रपति से मुलाकात सकारात्मक रही। उन्होंने राष्ट्रपति से कहा कि देश में लोकतंत्र को बचाना बेहद जरूरी है और राष्ट्रपति संविधान की संरक्षक हैं। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन एकजुट है और देश की 60 प्रतिशत से अधिक जनता का प्रतिनिधित्व करता है। ममता बनर्जी के अनुसार, राष्ट्रपति ने उनकी मांगों और ज्ञापन पर पूरे मामले की जांच कराने तथा संबंधित पक्षों से बातचीत कर उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया है।
इंडिया गठबंधन के नेताओं द्वारा राष्ट्रपति राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को दिए गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि चुनावों के दौरान बड़े पैमाने पर वोट चोरी हुई है। हरियाणा, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, दिल्ली और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों के चुनावों में ईवीएम (EVM) और मतदाता सूचियों के साथ हेरफेर करने का दावा किया गया है।