
India Bloc Protest: मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमारके इस्तीफे की मांग को लेकरइंडिया ब्लॉकके नेता राष्ट्रपति भवन तक मार्च निकालने की तैयारी कर रहे हैं। विपक्षी नेताओं की योजना राष्ट्रपति से मुलाकात कर इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग करने की है। कांग्रेस समेत इंडिया ब्लॉक के विभिन्न दलों के नेताओं ने ज्ञानेश कुमार को तत्काल पद से हटाने की मांग की है। नेताओं का कहना है कि मताधिकार और लोकतंत्र की रक्षा के लिए उनका आंदोलन जारी रहेगा।
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि विपक्षी नेता राष्ट्रपति से मिलना चाहते हैं, क्योंकि वह संविधान की रक्षक हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा के मुद्दे पर राष्ट्रपति से मुलाकात करना पूरी तरह संवैधानिक है। उन्हें भरोसा है कि राष्ट्रपति विपक्षी नेताओं को मिलने का समय देंगी।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से इंडिया ब्लॉक को लोकतंत्र के लिए खतरा बताए जाने पर तिवारी ने पलटवार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के शासन में लोकतंत्र की हत्या हो रही है और विपक्ष इसी के खिलाफ आंदोलन कर रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लोकतंत्र और संविधान की रक्षा नहीं करने का आरोप लगाया। साथ ही कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन और आंदोलन जारी रहेगा।
पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि राहुल गांधी लगातार वोट चोरी, प्रश्नपत्र लीक और छात्रों से जुड़े मुद्दे उठाते रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की हत्या की साजिश भी रची जा रही है। पप्पू यादव ने कहा कि दोनों नेता लोकतंत्र को बचाने के लिए लड़ रहे हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें तत्काल बर्खास्त करने और जेल भेजने की मांग की।
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध अब जन आंदोलन का रूप ले चुका है। उनके मुताबिक, लोग अब सवाल पूछने लगे हैं कि आखिर 13 करोड़ लोगों के वोट कैसे काटे जा सकते हैं और इस पर देश सवाल क्यों न उठाए।
मसूद ने दावा किया कि यह प्रदर्शन भाजपा को सत्ता से बाहर करने में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि विपक्ष लोकतांत्रिक अधिकारों को खत्म नहीं होने देगा।
कांग्रेस सांसद मनोज कुमार ने कहा कि पार्टी की कुछ मांगें हैं और वोट चोरी के आरोपों से जुड़े मामले में लोगों को न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई तीन दिन या तीस दिन नहीं, बल्कि तीन हजार दिन तक भी चल सकती है और विपक्ष पीछे हटने वाला नहीं है।
उन्होंने ज्ञानेश कुमार से इस्तीफा देने की मांग करते हुए कहा कि देश में किसी को तानाशाह बनने की अनुमति नहीं दी जा सकती। मनोज कुमार ने आरोप लगाया कि 13.5 करोड़ लोगों के वोट काटे गए हैं और इन्हें मतदाता सूची में फिर से जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकारें आती-जाती रहती हैं और विपक्ष अपने संघर्ष को जारी रखेगा।
राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के सांसद सुधाकर सिंह ने कहा कि ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आंदोलन को लेकर उनकी पार्टी का रुख स्पष्ट है। उन्होंने इसे देश की लड़ाई बताते हुए लोगों से इस संघर्ष में शामिल होने की अपील की। सिंह के मुताबिक, विपक्ष इस मुद्दे पर अपना विरोध जारी रखेगा और अन्य लोगों को भी आंदोलन से जुड़ने के लिए आमंत्रित करेगा।
कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को पद से हटाए जाने तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि विपक्ष राष्ट्रपति से मिलकर मुख्य चुनाव आयुक्त को बर्खास्त करने की मांग करेगा। राजपूत ने आरोप लगाया कि वोटों की लूट हुई है और योग्य नागरिकों को मतदान करने से रोका गया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि 16 लाख नागरिकों के नाम मतदाता सूची से हटाने की मांग सुप्रीम कोर्ट में रखी गई है। उन्होंने ज्ञानेश कुमार पर देश, चुनाव, लोकतंत्र और संविधान के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया। राजपूत ने कहा कि विपक्ष का मानना है कि मुख्य चुनाव आयुक्त के पद पर बने रहने से भाजपा को फायदा पहुंच रहा है।
कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने कहा कि देशभर में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी गलतियों के कारण 13 करोड़ लोग चुनाव प्रक्रिया से बाहर हो गए हैं। दलवई ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को किसी भी हाल में पद छोड़ना होगा।
सीपीआई (एम) के सांसद जॉन ब्रिटास ने कहा कि इंडिया ब्लॉक ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन में कोई ढील नहीं देगा। उन्होंने कहा कि विपक्ष राष्ट्रपति से मुलाकात कर राजनीतिक मुद्दों और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग के महत्व को उनके सामने रखेगा।ब्रिटास ने दावा किया कि आने वाले दिनों में दिल्ली में होने वाले विरोध प्रदर्शनों में समाज के दूसरे वर्ग भी शामिल हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि छात्र और युवा भी राजधानी पहुंच रहे हैं।