Passport Surrender 15 days: भारत सरकार ने नागरिकता नियमों में बदलाव करते हुए पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के नागरिकों के लिए नया नियम लागू किया है। इसके तहत भारतीय नागरिकता मिलने के 15 दिन के भीतर विदेशी पासपोर्ट जमा करना अनिवार्य होगा।
India Citizenship Rules: पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के पासपोर्ट रखने वालों को अब भारतीय नागरिकता मिलने के 15 दिन के भीतर विदेशी पासपोर्ट सरेंडर करना होगा। केंद्र सरकार ने भारत की नागरिकता से जुड़े नियमों में बदलाव कर दिया है। भारत सरकार एक साथ दो पासपोर्ट रखने की छूट नहीं देती है, लेकिन पूर्व में ऐसे मामले आ चुके हैं। जबकि भारतीय नागरिकता लेने के बावजूद व्यक्ति ने दूसरे देश का वैध या एक्सपायर हो चुका पासपोर्ट भी अपने रखा था। इसलिए अब किसी भी वैध या एक्सपायर हो चुके इन देश के पासपोर्ट को जमा कराना होगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित व्यक्ति की रहेगी।
नए नियमों के तहत इन तीनों देशों में से किसी भी देश का पासपोर्ट है, तो उसे उसकी पूरी जानकारी में पासपोर्ट नंबर, जारी होने की तारीख, जारी करने की जगह और एक्सपायरी डेट जैसी डिटेल भी देना होगी। उसे वरिष्ठ अधीक्षक डाक या अधीक्षक डाक के पास यह पंद्रह दिन में जमा कराना होगा। नागरिकता के लिए इन अफसरों की एनओसी को भी जरूरी किया जाएगा। यह नियम राजपत्र में प्रकाशित होने के साथ लागू हो गया है।
केंद्र सरकार ने नागरिकता नियमों में बदलाव करके इसकी ऑनलाइन मॉनिटरिंग की व्यवस्था भी शुरू की है। इसके तहत इलेक्ट्रॉनिक ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया यानी ईओसीआई-कार्ड की शुरुआत की गई है। इसके तहत भारत से बाहर जाने वाले प्रवासी भारतीयों को आसानी होगी। इसमें उन्हें पूरी डिटेल देनी होगी। इसमें पासपोर्ट, वीजा सहित अन्य जानकारी शामिल रहेगी।
सरकार ने नाबालिगों के दोहरे पासपोर्ट से जुड़े नियम भी सख्त कर दिए हैं। अब ऐसे मामलों में अधिक निगरानी और विस्तृत सत्यापन किया जाएगा। इसका उद्देश्य नागरिकता और पहचान से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकना बताया जा रहा है।
नागरिकता के नियमों में और भी बदलाव किए गए हैं। इसके तहत आवेदकों को बायोमेट्रिक डाटा साझा करने के लिए भी सहमति देना अनिवार्य कर दिया है। इससे उन्हें फास्ट-ट्रैक इमिग्रेशन प्रोग्राम का हिस्सा बनाया जा सकेगा। भविष्य में ऑटोमैटिक एनरोलमेंट जैसी सुविधाएं भी इसी आधार पर दी जाएंगी। इससे नागरिकता के मामले में अधिक सटीक व तेजी से मानीटरिंग और सत्यापन हो सकेगा।
हाल ही में असम विधानसभा चुनाव के समय असम सीएम हिमंत बिस्व सरमा की पत्नी के पास तीन पासपोर्ट होने का विवाद छाया था। उसमें कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने प्रेस वार्ता करके आरोप लगाए थे। बाद में CM सरमा की पत्नी ने इसे गलत बताते हुए एफआइआर भी कराई थी। इसके बाद अब भारत सरकार ने नागरिकता व पासपोर्ट के मामले में नियमों में बदलाव किए हैं।