पश्चिम एशिया में जारी जंग का असर भारत में घरों तक पहुंच चुका है। LPG सिलेंडर के चलते गैस एजेंसियों के बाहर लाइनें लग गई हैं। भारत सरकार भी LPG की कमी को पूरा करने के लिए अन्य विकल्पों पर विचार कर रही है।
LPG Crisis: LPG की कमी को देखते हुए भारत सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। स्ट्रेट हॉफ हॉर्मुज में जारी हमले के बीच सरकार ने LPG आपूर्ति के लिए अन्य विकल्प तलाशने शुरू कर दिया है। भारत अब मिडिल ईस्ट के अलावा अमेरिका से भी गैस खरीद रहा है, ताकि सप्लाई चेन में आई रुकावट को दूर किया जा सके।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि लगातार जारी युद्ध के कारण स्थिति चिंताजनक जरूर है, लेकिन देश में किसी भी एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर पर गैस खत्म होने की कोई रिपोर्ट नहीं है। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन बुकिंग बढ़कर 94 प्रतिशत तक पहुंच गई है और करीब 83 प्रतिशत सिलेंडर डिलीवरी डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड के जरिए की जा रही है।
उन्होंने कहा कि घबराहट में की जाने वाली बुकिंग में कमी आई है और बुधवार को करीब 57 लाख रिफिल बुकिंग मिलीं। उन्होंने आगे कहा कि एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी सामान्य रूप से जारी है। सुझाता शर्मा ने यह भी बताया कि देश में कच्चे तेल और रिफाइनरी का कामकाज सामान्य है। घरेलू पीएनजी और सीएनजी की सप्लाई 100 प्रतिशत जारी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि जहां संभव हो, एलपीजी की जगह पीएनजी का इस्तेमाल करें। पिछले तीन दिनों में 5,600 से ज्यादा उपभोक्ता एलपीजी से पीएनजी में शिफ्ट हुए हैं।
उन्होंने कहा कि मिडिल ईस्ट में किसी भी तरह की समस्या का असर भारत पर पड़ता है। इसी कारण भारत ने अपने तेल और गैस आयात को विविध बनाया है। अब देश का लगभग 70 प्रतिशत तेल आयात मिडिल ईस्ट के बाहर के देशों से हो रहा है, जिसमें अमेरिका, रूस और अफ्रीकी देश जैसे नाइजीरिया शामिल हैं। सरकार ने सभी राज्यों को पत्र लिखकर ब्लैक मार्केटिंग और जमाखोरी रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा है। बुधवार को देश भर में करीब 6,000 छापे मारे गए।
उत्तर प्रदेश में 1,100 छापों के दौरान 1,000 सिलेंडर जब्त किए गए, जबकि मध्य प्रदेश में 1,632 छापों में 2,300 सिलेंडर जब्त किए गए। केंद्र सरकार ने राज्यों से कहा है कि जहां भी नियमों का उल्लंघन हो, वहां सख्त कार्रवाई की जाए।
राज्यों से मिली जानकारी के अनुसार, लगभग 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कंट्रोल रूम बनाए गए हैं, जबकि करीब 25 राज्यों में जिला स्तर पर निगरानी समितियां भी बनाई गई हैं। इस बीच, पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने कहा कि फारस की खाड़ी क्षेत्र में सभी भारतीय जहाज और नाविक सुरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि अभी 22 भारतीय जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पश्चिम में मौजूद हैं और पिछले 24 घंटे में 16 से ज्यादा भारतीय नाविक अपने कार्यकाल पूरा करने के बाद भारत लौटे हैं। मंत्रालय इस पूरे हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।