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INDIA गठबंधन के नेतृत्व के लिए Mamata दीदी के पक्ष में आए ये बड़े नेता, CM ने कही ये बड़ी बात

INDIA गठबंधन के नेतृत्व लिए CM ममता बनर्जी का समर्थन किया जा रहा है। ऐसे में अगर INDIA गठबंधन के घटक दलों ने कांग्रेस को छोड़कर ममता दीदी को नेता मान लिया तो तकनीकी रूप से तो राहुल गांधी विपक्ष के नेता होंगे।
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Updated: 11 Dec 2024, 4:55 PM IST
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भारत की राजनीति करवट ले रही है। ये सभी को पता है की राहुल गांधी लोकसभा में विपक्ष के नेता हैं। इसके साथ ही लोकसभा चुनाव 2024 के बाद से अब तक INDIA गठबंधन के भी सभी नेता राहुल गांधी की अगुवाई में ही संसद में तमाम मुद्दों का विरोध या समर्थन कर रहे थे। लेकिन अब शायद कुछ दिनों बाद नजारा कुछ और हो क्योंकि INDIA गठबंधन अब कांग्रेस की अगुवाई नहीं चाहता है। कुछ समय पहले पश्चिम बंगाल की CM ममता बनर्जी ने INDIA गठबंधन ने नेतृत्व करने की इच्छा जताई तो तमाम दल के नेता उनके समर्थन में आ गए। ऐसे में अगर INDIA गठबंधन के घटक दलों ने कांग्रेस को छोड़कर ममता दीदी को नेता मान लिया तो तकनीकी रूप से तो राहुल गांधी विपक्ष के नेता होंगे। और राहुल गांधी की ताकत सदन के अंदर और बाहर दोनों कम हो जाएगी।

लालू यादव ने थामा दीदी का हाथ

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) का I.N.D.I.A. गठबंधन के लिए समर्थन करते हुए कहा, “कांग्रेस की आपत्ति का कोई मतलब नहीं है। हम ममता का समर्थन करेंगे। ममता बनर्जी को (इंडिया ब्लॉक का) नेतृत्व दिया जाना चाहिए। हम 2025 में फिर से सरकार बनाएंगे।” उनके बयान पर राजनीतिक हलकों में मिली-जुली प्रतिक्रियाएँ आई हैं।

क्या बोली CM?

उन्होंने कहा, "नेताओं ने मुझे जो सम्मान दिया है, उसके लिए मैं सभी की आभारी हूं। मैं सभी की आभारी हूं। मैं सभी के अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करती हूं। मैं चाहती हूं कि वे स्वस्थ रहें और उनकी पार्टियां अच्छा प्रदर्शन करें। मैं चाहती हूं कि भारत अच्छा प्रदर्शन करे। मैं यही चाहती हूं, लेकिन आज मैं हमारे जगन्नाथ मंदिर की ओर से सभी को शुभकामनाएं देना चाहती हूं।"

क्यों हुए कांग्रेस के खिलाफ

अखिलेश यादव से लेकर ममता बनर्जी और लालू यादव क्यों कांग्रेस को टारगेट कर रहे हैं? इसका जवाब ये है कि आने वाले समय में इन राज्यों में चुनाव होने वाले हैं। इसके बाद ही लोकसभा चुनाव 2029 आएगा। ऐसे में ये सभी दल नहीं चाहते कि कांग्रेस मजबूत हो और विधानसभा चुनावों में मनमानी करे। रियाणा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में हार के बाद अब कांग्रेस के ये घटक दल चाहते हैं कि कांग्रेस मजबूरी में उनके पीछे रहे और वे अपने-अपने राज्यों में इसका नेतृत्व करें। यही कारण है की अरविंद केजरीवाल ने भी कांग्रेस से दुरी बना ली है।

Updated on:
11 Dec 2024, 4:55 PM IST
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