राष्ट्रीय

India vs China: दुनियाभर में भारत का डंका! अब इस मामले में चीन को देगा पटकनी, बनेगा सबसे बड़ा बाजार

India vs China: भारत 2024 में चीन को पछाड़कर दुनिया का सबसे बड़ा दोपहिया वाहन बाजार बन सकता है। एक रिपोर्ट में शुक्रवार को यह जानकारी दी गई।

2 min read

India vs China: भारत दोपहिया वाहन बाजार में अपनी धाक जमा रहा है। एक नई रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में भारत चीन को पछाड़कर दुनिया का सबसे बड़ा दोपहिया वाहन बाजार बनने जा रहा है। भारत में दोपहिया वाहनों की मांग लगातार बढ़ रही है और यह वृद्धि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में देखी जा रही है। काउंटरप्वाइंट रिसर्च की ओर से कहा गया कि मजबूत आर्थिक वृद्धि दर, छोटी दूरी के लिए दोपहिया ग्राहकों की पहली पसंद और शेयर मोबिलिटी स्पेस में दोपहिया वाहनों की बढ़ती मांग के कारण भारत, चीन को पछाड़कर 2024 में दुनिया का सबसे बड़ा बाजार बन जाएगा।

25 प्रतिशत से ज्यादा वाहन बिकने की उम्मीद

2023 में दोपहिया वाहनों की बिक्री में सालाना आधार पर एक प्रतिशत से भी कम का इजाफा हुआ था। हालांकि, इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री में तेज बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। 2024 में बिकने वाले दोपहिया वाहनों में 25 प्रतिशत से अधिक इलेक्ट्रिक होने की उम्मीद है।

इलेक्ट्रिक वाहनों की तरफ बढ़ा लोगों को रुझान

वरिष्ठ एनालिस्ट सौमेन मंडल ने कहा कि दोपहिया मार्केट मैच्योरिटी की तरफ बढ़ रहा है, लेकिन इलेक्ट्रिक वाहनों की तरफ विशेषकर 2025 के बाद लोगों का रुझान बढ़ने वाला है। दक्षिण पूर्व एशियाई देशों और भारत में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के चलन में आने वाले समय में तेजी से इजाफा होगा।

इन कंपनियों में हो रही हैं टक्कर

रिपोर्ट में आगे कहा गया कि टॉप 10 इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों में तीन (ओला इलेक्ट्रिक, टीवीएस मोटर्स और एथर एनर्जी) भारत से हैं, जो दिखाता है कि भारत में इलेक्ट्रिक दोपहिया मार्केट तेजी से बढ़ रहा है। ओला और एथर ग्रीनफील्ड 'ईवी-फर्स्ट' दो पहिया वाहन कंपनी है जो कि टीवीएस, बजाज और हीरो को टक्कर दे रही हैं।

बाजार में उतर रही है ये कंपनियां

रिपोर्ट में कहा गया कि दोपहिया प्रीमियम सेगमेंट में हार्ले डेविडसन, एनफील्ड, यामाहा और अन्य के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए अल्ट्रावायलेट, रिवोल्ट मोटर्स, एनर्जिका मोटर, डेमन और एआरसी जैसी कंपनियां बाजार में उतर रही हैं।

2030 तक होगी 44 प्रतिश्ता की हिस्सेदारी

रिपोर्ट में आगे कहा गया कि वैश्विक स्तर पर दोपहिया वाहनों की बिक्री में इलेक्ट्रिक की हिस्सेदारी 2030 तक 44 प्रतिशत की होगी। इसके साथ ही 2030 तक दोपहिया वाहनों में सेमीकंडक्टर का इस्तेमाल बढ़कर 15 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा। काउंटरप्वाइंट रिसर्च के उपाध्यक्ष और पार्टनर नील शाह का कहना है कि चारपहिया वाहन मार्केट की तरह दोपहिया वाहन मार्केट में भा आने वाले समय में बदलाव दिखाई देगा। इसमें इलेक्ट्रिफिकेशन की अहम भूमिका होगी।

Published on:
09 Aug 2024 05:35 pm
Also Read
View All

अगली खबर