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Indian Air Force Land Dispute: दिल्ली में वायुसेना की 40 एकड़ जमीन पर खींचतान, रिटायरमेंट से पहले पूर्व एयर चीफ ने राजनाथ सिंह को लिखी चिट्ठी

Air Chief Marshal AP Singh: एक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राष्ट्रीय सुरक्षा, सैन्य प्रशासन और जमीन के इस्तेमाल जैसे बड़े सवालों से जुड़ गया है। आखिर वायुसेना इस परिसर को अपने नियंत्रण में रखने पर इतना जोर क्यों दे रही है?
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Updated: 3 Nov 2026, 8:49 AM IST
Indian Air Force Land Dispute
Indian Air Force Land Dispute : पीएम आवास के करीब वायुसेना की जमीन पर क्यों मचा घमासान? पूर्व एयर चीफ ने सरकार से की बड़ी अपील (फोटो सोर्स: ANI)

Indian Air Force Land Dispute: देश की राजधानी में प्रधानमंत्री आवास के नजदीक स्थित वायुसेना की जमीन को लेकर केंद्र सरकार और भारतीय वायुसेना के बीच खींचतान का मामला सामने आया है। विवाद की अहमियत इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि पूर्व वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने सेवानिवृत्ति से ठीक पांच दिन पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखकर इस जमीन पर वायुसेना का नियंत्रण बरकरार रखने की मांग की थी। करीब 40 एकड़ में फैले इस परिसर का मामला अब नए वायुसेना प्रमुख के सामने भी चुनौती बन सकता है।

IAF Sports Complex: 40 एकड़ जमीन को लेकर बढ़ी हलचल

हिंदुस्तान टाइम्स (HT) की विशेष रिपोर्ट के मुताबिक, एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने 26 अक्टूबर को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र भेजकर रेस कोर्स एयर फोर्स स्टेशन की जमीन वायुसेना के पास ही रखने की वकालत की थी। 31 अक्टूबर को उनका कार्यकाल समाप्त होना था। उन्होंने तर्क दिया कि इस परिसर की मौजूदा सुविधाएं और सैन्य जरूरतें इसे वायुसेना के नियंत्रण में बनाए रखने के लिए बेहद महत्वपूर्ण बनाती हैं।

यह विवाद तब गहराया जब केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) ने स्टेशन के भीतर मौजूद एयर फोर्स स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की जमीन वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की। करीब 40 एकड़ में फैले इस परिसर को पिछले महीने अगले आदेश तक सदस्यों के लिए बंद कर दिया गया था। भूमि एवं विकास कार्यालय (L&DO) ने भी इसका सर्वेक्षण पूरा कर लिया है।

खेल सुविधाओं से कहीं बड़ा है परिसर का महत्व

पूर्व एयर चीफ ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि रेस कोर्स स्टेशन केवल खेल और मनोरंजन का केंद्र नहीं है। यह वायुसेना मुख्यालय को प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराता है और 5,000 से अधिक कर्मियों की जरूरतों से जुड़ा हुआ है।

परिसर में सैन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए आवास, प्रशिक्षण केंद्र, सुरक्षा व्यवस्था, चिकित्सा सुविधा, स्कूल और कैंटीन जैसी व्यवस्थाएं मौजूद हैं। यहां वायु सैनिकों के साथ अग्निवीरवायु के प्रशिक्षण से जुड़ी सुविधाएं भी हैं।

वायुसेना के अनुसार, दिल्ली इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस सेंटर (DIADC) के समन्वय से होने वाली विभिन्न गतिविधियों के दौरान यह स्टेशन मानवरहित हवाई प्रणालियों (UAS) यानी ड्रोन से उत्पन्न खतरों का मुकाबला करने की जिम्मेदारी भी निभाता है। ऐसे में जमीन के हस्तांतरण का मुद्दा केवल संपत्ति तक सीमित नहीं रह जाता।

गोल्फ इवेंट रद्द होने से बढ़ी चर्चा

इस विवाद का असर पूर्व वायुसेना प्रमुख के विदाई कार्यक्रम पर भी पड़ा। स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बंद होने के कारण 28 अक्टूबर को आयोजित होने वाला उनका पारंपरिक विदाई गोल्फ कार्यक्रम रद्द करना पड़ा। आमतौर पर सेवानिवृत्त होने वाले वायुसेना प्रमुख के सम्मान में इस तरह का आयोजन किया जाता है।

उधर, मंत्रालय ने जमीन वापस लेने के पीछे कोई विस्तृत सार्वजनिक वजह नहीं बताई है। हालांकि, प्रधानमंत्री आवास के आसपास सरकारी जमीनों को वापस लेने की व्यापक कवायद के तहत जिमखाना क्लब और जयपुर पोलो ग्राउंड जैसी संपत्तियों का नाम भी सामने आया है।

आजादी से पहले तक जाती है स्टेशन की कहानी

वायुसेना इतिहासकार अंचित गुप्ता के अनुसार, रेस कोर्स स्टेशन का इतिहास द्वितीय विश्व युद्ध के दौर से जुड़ा है। वर्ष 1942 में यहां रॉयल एयर फोर्स स्टेशन की स्थापना हुई थी। आजादी के बाद सितंबर 1947 में भारतीय वायुसेना के पूर्ववर्ती संगठन रॉयल इंडियन एयर फोर्स ने यहां प्रशासनिक विंग बनाई।

विभाजन के दौरान इस स्टेशन ने दिल्ली में राहत और सुरक्षा संबंधी गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पाकिस्तान से आए करीब 900 वायु सैनिकों और 150 परिवारों को ठहराने में भी मदद की गई। 1947-48 के कश्मीर युद्ध में परिवहन और रसद सहायता देने के अलावा 1971 के युद्ध के दौरान यहां पाकिस्तानी वायुसेना के 15 युद्धबंदियों को रखा गया था।

अब नए एयर चीफ के सामने जिम्मेदारी

एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित ने 29वें वायुसेना प्रमुख के रूप में कार्यभार संभालने के बाद कर्मियों के प्रशिक्षण, पेशेवर उत्कृष्टता, मनोबल, सुरक्षा और कल्याण को अपनी प्राथमिकता बताया है। अधिकारियों के मुताबिक, रेस कोर्स स्टेशन से जुड़ा मुद्दा अब उनके कार्यकाल में आगे बढ़ सकता है।

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3 Nov 2026, 8:49 AM IST
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