Indian Army First Video: भारतीय सेना ने पाकिस्तान की नापाक हरकतों का मुंहतोड़ जवाब देते हुए एक वीडियो जारी किया है, जिसमें पाकिस्तानी उकसावे के खिलाफ की गई जवाबी कार्रवाई को दर्शाया गया है।
Pahalgam Terror Attack: भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। हाल के दिनों में पाकिस्तान की ओर से नियंत्रण रेखा (LoC) और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अकारण गोलीबारी और ड्रोन हमलों की घटनाओं ने दोनों देशों के बीच स्थिति को और तनावपूर्ण बना दिया है। भारतीय सेना ने इन नापाक हरकतों का मुंहतोड़ जवाब देते हुए एक वीडियो जारी किया है, जिसमें पाकिस्तानी उकसावे के खिलाफ की गई जवाबी कार्रवाई को दर्शाया गया है।
सूत्रों के अनुसार, अप्रैल 2025 के अंतिम सप्ताह से पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर के विभिन्न सेक्टरों में गोलीबारी शुरू की थी। 26-27 अप्रैल को तूतमारी गली और रामपुर सेक्टर में, 28-29 अप्रैल को कुपवाड़ा, बारामूला और अखनूर सेक्टर में, और 29-30 अप्रैल को नौशेरा, सुंदरबनी जैसे क्षेत्रों में पाकिस्तानी सेना ने बिना उकसावे के छोटे हथियारों से गोलीबारी की। इसके अलावा, पाकिस्तान ने ड्रोन हमलों और मिसाइलों के जरिए भारतीय सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की, जिसे भारत ने नाकाम कर दिया।
भारतीय सेना ने "ऑपरेशन सिंदूर" के तहत पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की। सेना ने एक वीडियो जारी किया, जिसमें दिखाया गया है कि कैसे भारतीय जवानों ने पाकिस्तानी चौकियों को निशाना बनाया और उनकी उकसावे की कार्रवाइयों का जवाब दिया।
पाकिस्तान ने भारत के हमलों की निंदा की और दावा किया कि उसने भारतीय ड्रोन को मार गिराया है। पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने कहा कि "आगे की जवाबी कार्रवाई अब लगभग निश्चित है।" दूसरी ओर, भारत के विदेश मंत्री ने चेतावनी दी कि पाकिस्तान का कोई भी जवाब "तनाव को और बढ़ाएगा।" अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस संघर्ष पर नजर रखे हुए है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इसे "हमारा मसला नहीं" कहकर तटस्थ रुख अपनाया, जबकि संघर्ष विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि इसे हल्के में लेना "बड़ा जोखिम" हो सकता है।
जम्मू-कश्मीर में तनाव के कारण स्थानीय लोग दहशत में हैं। जम्मू शहर में कई विस्फोट और सायरन की आवाजें सुनाई दीं। कश्मीरी नागरिकों का कहना है कि वे इस सीमा पार की हिंसा की कीमत चुका रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह संघर्ष पहले के मुकाबले अलग है, क्योंकि दोनों देशों के बीच कोई स्पष्ट समाधान का रास्ता नहीं दिख रहा।