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भारतीय सेना ने लद्दाख में 17,000 फीट ऊंचाई पर फंसे दो दक्षिण कोरियाई नागरिकों को बचाया

भारतीय सेना ने अपने साहस और बेहतरीन ट्रेनिंग का प्रदर्शन करते हुए लद्दाख में 17,000 फीट की ऊंचाई पर फंसे दो दक्षिण कोरियाई नागरिकों को रेस्क्यू किया।

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Sep 05, 2025
Indian Army rescues mission
भारतीय सेना ने लद्दाख में फंसे दो दक्षिण कोरियाई नागरिकों को बचाया (फोटो - आईएएनएस)

भारतीय सेना की एविएशन टीम ने एक साहसिक ऑपरेशन को अंजाम देते हुए लद्दाख में 17,000 फीट की ऊंचाई पर फंसे दो दक्षिण कोरियाई नागरिकों को रेस्क्यू किया है। भारतीय सेना को गुरुवार रात 8:05 बजे एक मैसेज मिला था जिसमें कोंगमारू ला दर्रे के पास फंसे दक्षिण कोरिया के नागरिक ह्यून वू किम और उनकी पत्नी को तुरंत बचाने का अनुरोध किया गया था। इसके बाद तुरंत सेना ने रेस्क्यू मिशन की शुरुआत कर दी थी, जिसके बाद सेना ने बिना समय गंवाए आर्मी एविएशन हेलीकॉप्टर स्क्वाड्रन को रात 8:20 बजे तक तैयार होने का आदेश दे दिया था।

एक घंटे के अंदर फंसे हुए लोगों के पास पहुंची सेना

इस रेस्क्यू मिशन को अंजाम देने के लिए नाइट विजन गॉगल्स पहन कर पायलट हेलीकॉप्टर को धीरे-धीरे और बिल्कुल सही जगह पर उतारता है, जो कि बहुत ही मुश्किल भरा और खतरनाक काम है। इसके साथ ही कि बर्फ से ढके इलाके और नुकीली चोटियों ने इस मिशन को बहुत मुश्किल बना दिया था। लेकिन बर्फीली हवाओं, कम विजिबिलिटी और गलती की लगभग शून्य गुंजाइश के बावजूद, पायलटों ने अपने विमान की रात करीब 9:15 बजे निर्धारित जगह पर सुरक्षित लैंडिंग की।

दक्षिण कोरियाई जोड़े को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया

इन सख्त हालातों में इतनी तेजी से लैंडिंग करना और फंसे हुए लोगों को निकालना, स्क्वाड्रन की बेहतरीन ट्रेनिंग और प्रोफेशनल काबिलियत का एक शानदार उदाहरण था। सेना ने दक्षिण कोरियाई जोड़े को तुरंत हवाई जहाज से सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और तत्काल इलाज के लिए चिकित्सा अधिकारियों को सौंप दिया। यह बचाव अभियान साहस, समन्वय और अत्यधिक दबाव में भी सटीकता का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जो सबसे कठिन परिस्थितियों में भी आपात स्थितियों का जवाब देने के लिए सेना की तत्परता को उजागर करता है।

Published on:
05 Sept 2025 05:27 pm