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भारतीय सेना की नज़र से अब पानी में भी नहीं छिप पाएंगे दुश्मन, खरीद रही है कॉम्बैट अंडरवॉटर डाइविंग किट

भारतीय सेना कुछ ऐसा खरीदने जा रही है जिससे पानी में भी देश के दुश्मन नज़र से छिप नहीं पाएंगे। क्या है वो चीज़? आइए नज़र डालते हैं।
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Jul 22, 2026
Indian Soldiers
भारतीय सैनिक (File Photo)

भारतीय सेना (Indian Army) दुश्मनों से देश की रक्षा के लिए जी-जान लगा देती है। धरती हो या आसमान या फिर पानी के नीचे, हर मोर्चे पर भारतीय सेना अलर्ट रहती है। कश्मीर की वुलर झील हो या फिर पश्चिम बंगाल का सुंदरवन डेल्टा। कच्छ की दलदली खाड़ी हो या फिर हिंद महासागर का समुद्री क्षेत्र, भारतीय सेना की नज़र से अब कोई भी नहीं बच पाएगा। पानी के अदंर देश के दुश्मनों और आतंकियों के खात्मे के लिए भारतीय सेना कुछ ऐसा खरीद रही है जिससे काफी फायदा होगा।

क्या खरीद रही है भारतीय सेना?

पानी के अंदर देश के दुश्मनों पर नज़र रखने और उनको खत्म करने के लिए भारतीय सेना कॉम्बैट अंडरवॉटर डाइविंग किट खरीद रही है। इसके लिए सेना मुख्यालय ने वैश्विक स्तर पर कंपनियों से निविदाएं आमंत्रित की हैं। यह निविदा कितनी बड़ी और महत्वपूर्ण है, इसका अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि निविदा में भाग लेने के लिए कंपनियों को 8 करोड़ रुपए की ईएमडी यानी बयाना राशि जमा करनी है।

कौन करेगा कॉम्बैट अंडरवॉटर डाइविंग किट का इस्तेमाल?

कॉम्बैट अंडरवॉटर डाइविंग किट का इस्तेमाल भारतीय सेना के विशिष्ट सैन्य बल करते हैं। दुश्मनों पर पानी के अंदर नज़र रखने के साथ ही कठिन स्थिति में बचाव कार्य के लिए भी यह ज़रूरी होती है। इसका इस्तेमाल पानी के भीतर विशेष सैन्य अभियानों, रेस्क्यू ऑपरेशन, जहाज के रास्तों को साफ करने सहित कॉम्बैट डाइविंग ऑपरेशन में किया जाएगा।

कॉम्बैट अंडरवॉटर डाइविंग किट की है काफी ज़रूरत

डिफेंस एक्सपर्ट्स के अनुसार पश्चिमी पाकिस्तान के बाद अब पूर्व के पानी ने भी भारत के लिए खतरा काफी बढ़ा दिया है। ऐसे में दुश्मन की निगहबानी के लिए कॉम्बैट अंडरवॉटर डाइविंग किट की काफी ज़रूरत है। प्रस्ताव के तहत दो चरणों में किट का मूल्यांकन होगा। इसके बाद ही इसे खरीदा जाएगा। सफल निविदा के बाद 18 माह में इस किट की सप्लाई करनी होगी।

पहले होगा ट्रायल, फिर ऑर्डर

कॉम्बैट अंडरवॉटर डाइविंग के लिए 220 किट की यह खरीद सेना के विशेष अभियानों की क्षमता को और मज़बूत करेगी। रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि खरीद से पहले परीक्षण के लिए पात्र कंपनियों को एक-एक सेट बतौर सैम्पल ट्रायल के लिए देना होगा। परीक्षण में सफल उपकरणों के आधार पर ही अंतिम खरीद का निर्णय लिया जाएगा। चयनित कंपनी को प्रशिक्षण के साथ ही उपकरणों की तकनीकी जानकारी, परीक्षण प्रक्रिया, गुणवत्ता नियंत्रण और रखरखाव से जुड़े दस्तावेज भी उपलब्ध कराने होंगे।

Updated on:
22 Jul 2026 05:30 am
Published on:
22 Jul 2026 05:30 am