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कामिकाज़े ड्रोन और पोर्टेबल टैंक रोधी मिसाइल से लैस होगी भारतीय सेना, 52 हज़ार करोड़ रुपए की रक्षा खरीद को मिली मंजूरी

भारतीय सेना की ताकत को बढ़ाने के लिए रक्षा अधिग्रहण परिषद की बैठक में करीब 52,000 करोड़ रूपए की रक्षा खरीद को मंजूरी मिल गई है।
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भारत

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Tanay Mishra

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Updated: 4 Jul 2026, 1:56 AM IST

Drone-missile

कामिकाज़े ड्रोन और पोर्टेबल टैंक रोधी मिसाइल से लैस होगी भारतीय सेना (File Photo)

भारतीय सेना (Indian Army) की ताकत बढ़ाने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) की अध्यक्षता में शुक्रवार को रक्षा अधिग्रहण परिषद की बैठक में एक बड़ा फैसला लिया गया है। कामिकाज़े ड्रोन, एंटी ड्रोन-रोधक सिस्टम और पोर्टेबल टैंक रोधी मिसाइल को सेना के हथियारों में शामिल किया जाएगा। वहीं एयरफोर्स (Air Force) को दुश्मन के इरादे भांपने के लिए हाई एल्टीट्यूड सूडो सैटेलाइट मानव रहित एयरक्राफ्ट मिलेगा। रक्षा अधिग्रहण परिषद की बैठक में इन हथियारों और उपकरणों सहित कुल करीब 52,000 करोड़ रूपए की रक्षा खरीद को मंजूरी दी गई।

किसे क्या मिलेगा?

आर्मी

भारतीय थल सेना को मिलने वाले हथियारों में 'आकाश तरंग' ड्रोन रोधी इलेक्ट्रॉनिक युद्धक सिस्टम मिलेगा जो मानवरहित हवाई खतरों से सुरक्षा करेगा। इसके अलावा मैन पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल सिस्टम, जो कंधे पर ले जाकर दागी जाने वाली टैंक रोधी मिसाइल है, भी आर्मी को मिलेगा। मीडियम रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल जो मध्यम दूरी से आने वाले हवाई खतरों से रक्षा करने में सक्षम है, भी सेना के हथियारों में शामिल होगी। इसके अलावा वेरी शॉर्ट रेंज एयर डिफेंस सिस्टम जिसके मल्टी-स्पेक्ट्रल सेंसर से दुश्मन के इलेक्ट्रॉनिक प्रतिरोधी उपाय नाकाम होंगे, भी आर्मी को मिलेगा। साथ ही कामिकाज़े ड्रोन भी सेना की ताकत को बढ़ाएंगे।

एयरफोर्स

भारतीय वायु सेना को हाई एल्टीट्यूड प्स्यूडो सैटेलाइट मिलेंगे जो उपग्रह की तरह काम करने वाले उच्च ऊंचाई वाले मानवरहित विमान हैं। इनका इस्तेमाल जानकारी जुटाने, निगरानी, टोही, दूरसंचार और दूरसंवेदी कार्यों के लिए एक उपग्रह की तरह किया जाएगा। सौर ऊर्जा से संचालित और करीब 18 से 20 किलोमीटर की ऊंचाई पर लंबे समय तक उड़ान भरने में ये विमान सक्षम होंगे, जिससे एयरफोर्स की ताकत बढ़ेगी।

नेवी

भारतीय नौसेना को मल्टी इन्फ्लुएंस ग्राउंड माइन, नेवल शिपबोर्न अनमैन्ड एरियल सिस्टम और लैंड बेस्ड टेस्टिंग फैसिलिटी मुहैया कराई जाएंगी। इससे नेवी की ताकत बढ़ेगी।

पाकिस्तान की बढ़ेगी चिंता

भारतीय सेना की ताकत बढ़ने से पाकिस्तान (Pakistan) की चिंता बढ़ेगी। बॉर्डर पर पाकिस्तान कोई भी नापाक हरकत करने से पहले कई बार सोचेगा। 'ऑपरेशन सिंदूर' (Operation Sindoor) में मिली करारी हार को पाकिस्तान अभी भी भुला नहीं पाया है और अभी भी नुकसान की भरपाई करने में लगा हुआ है।

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