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टीएमसी ऑफिस पर बागी गुट का ‘कब्ज़ा’! मीटिंग के बाद चाबी भी साथ ले गए

TMC Conflict: टीएमसी में बागी गुट ने अब पार्टी ऑफिस पर भी 'कब्ज़ा' कर लिया है। क्या है पूरा मामला? आइए नज़र डालते हैं।
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TMC party office

कोलकाता में टीएमसी ऑफिस (File Photo)

तृणमूल कांग्रेस - टीएमसी (Trinamool Congress - TMC) के बागी गुट ने कोलकाता स्थित पार्टी ऑफिस मेट्रोपॉलिटन भवन पर 'कब्ज़ा' कर लिया है। पश्चिम बंगाल की विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और बागी गुट के प्रमुख ऋतब्रत बनर्जी (Ritabrata Banerjee) ने पार्टी ऑफिस में नेताओं के साथ मीटिंग की और बाद में ताला लगाकर चाबी साथ ले गए। इस दौरान ऋतब्रत ने कहा कि हम अपने पार्टी ऑफिस आए हैं। वहीँ संदीपान साहा (Sandipan Saha) ने कहा, "यह हमारा ऑफिस है, हमारी ज़िम्मेदारी है। पार्टी की भविष्य के काम और गतिविधियाँ यहीं से संचालित होंगी। बागी गुट के इस कदम से पार्टी के अंदर चल रही अंदरूनी कलह साफ तौर पर दिख रही है।

औपचारिक लीज़ समझौते को दिया अंतिम रूप

बताया जा रहा है कि इस दौरान ऋतब्रत, फिरहाद हकीम और पार्टी कोषाध्यक्ष अखरूज्जमां ने पार्टी ऑफिसों के मालिकों के साथ औपचारिक लीज़ समझौते को अंतिम रूप दिया। इस समझौते के बाद बागीने घोषणा की कि अब से वो इसी ऐतिहासिक पार्टी ऑफिस से कामकाज संचालित करेंगे। इसके बाद पार्टी के नेताओं ने ऑफिस में अपना कामकाज संभाल लिया।

चुनाव आयोग से मुलाकात के बाद फैसला

गौरतलब है कि चुनाव आयोग में हुई बैठक के बाद बागी गुट ने कदम उठाया गया। ऋतब्रत के नेतृत्व वाले बागी गुट ने गुरुवार को दिल्ली में चुनाव आयोग से मुलाकात कर संगठनात्मक बदलावों से जुड़े सभी दस्तावेज सौंपने का दावा किया। ऋतब्रत के अनुसार 22 जून को अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के विशेष सत्र में अरूप रॉय को अध्यक्ष चुना गया और नई राष्ट्रीय कार्य समिति गठित की गई। इसकी सूचना 23 जून को चुनाव आयोग को दे दी गई थी। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की पूर्ण बेंच ने उनकी बात विस्तार से सुनी और जांच के बाद जल्द फैसला देने का आश्वासन दिया। अब पार्टी के नाम और चुनाव चुनाव चिह्न पर आयोग के फैसले का इंतजार है।

सौगत रॉय ने किया विरोध

ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के समर्थक और टीएमसी सांसद सौगत रॉय (Saugata Roy) ने इसका विरोध किया है। उन्होंने कहा, "यह पूरी तरह से गलत और कानून के खिलाफ है। यह ज़बरदस्ती कब्ज़ा करने की कोशिश है और हमें इस मामले को देखना चाहिए।"