
Udit Raj on Italy Burqa Ban नई दिल्ली। इटली में स्कूलों में बुर्के पर कथित प्रतिबंध और पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के बयान को लेकर कांग्रेस नेता उदित राज ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि 18 वर्ष की उम्र तक किसी भी व्यक्ति को धार्मिक ज्ञान नहीं दिया जाना चाहिए। उनका कहना है कि बच्चे जन्म के समय अपना धर्म, नाम या जाति खुद तय नहीं करते, बल्कि परिवार और समाज उनके लिए ये चीजें तय करते हैं।
इटली में स्कूलों में बुर्के पर कथित प्रतिबंध के सवाल पर उदित राज ने कहा कि चाहे स्कूल में हो या स्कूल के बाहर, मेरा मानना है कि 18 साल की उम्र तक किसी को भी धार्मिक ज्ञान नहीं दिया जाना चाहिए। मैं यह बात पूरी मानवता के लिए कह रहा हूं। उन्होंने कहा कि जब किसी बच्चे का जन्म होता है तो वह अपना धर्म, नाम या जाति खुद तय नहीं करता। ये चीजें उसके माता-पिता और समाज तय करते हैं। ऐसे में बच्चों को पहले स्वतंत्र रूप से बड़ा होने और बाद में अपना धर्म चुनने की आजादी मिलनी चाहिए।
उदित राज ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और वहां की व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि यह वहां के समाज और शिक्षा व्यवस्था की जरूरत है। इटली को यह तय करने का अधिकार है कि उसके स्कूलों में कौन से प्रोटोकॉल लागू होंगे और धार्मिक प्रतीकों की अनुमति दी जाएगी या नहीं। उन्होंने कहा कि यदि यह नियम सभी पर समान रूप से लागू होता है तो भेदभाव का सवाल नहीं उठता।
वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से पूर्व उपराष्ट्रपति मोहम्मद हामिद अंसारी के बयान पर की गई प्रतिक्रिया को लेकर भी उदित राज ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि हामिद अंसारी ने सनातन परंपरा की आलोचना करने वाली कोई बात कही है। उदित राज ने कहा कि उन्होंने ऐसा क्या गलत कह दिया? नेहरू जी ने भी यही बात कही थी और डॉ. आंबेडकर ने भी यही बात कही थी।
कांग्रेस नेता ने कहा कि हामिद अंसारी के मुस्लिम समुदाय से होने को इतना महत्व क्यों दिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के भाषण और बयान रोज सामने आते हैं, लेकिन ऐसा लगता है कि लगातार ऐसे मौके की तलाश की जाती है, जहां मुस्लिम समुदाय का कोई व्यक्ति कुछ कहे और उसके आधार पर विवाद खड़ा किया जा सके।
Updated on:
21 Sept 2026 10:27 am
Published on:
21 Sept 2026 10:20 am
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
