
Indian Coast Guard Rescue Operation: कर्नाटक के मंगलुरु तट के पास समुद्र में फंसे छह मछुआरों को इंडियन कोस्ट गार्ड (Indian Coast Guard) ने सुरक्षित बचा लिया। सोमवार शाम खराब मौसम, तेज हवाओं और ऊंची लहरों के बीच चलाया गया यह रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण था। फिर भी तटरक्षक बल ने अपनी तेजी, आधुनिक तकनीक और बेहतरीन टीमवर्क की मदद से सभी मछुआरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
इंडियन कोस्ट गार्ड के मुताबिक, सोमवार शाम करीब 4 बजे तटरक्षक पोत ICGS Sachet को वीएचएफ (VHF) रेडियो के जरिए संकट का मैसेज मिला। यह मैसेज मछली पकड़ने वाली भारतीय बोट मंजू माथा (Manju Matha) से भेजा गया था। यह बोट सूरतकल तट से करीब 33 समुद्री मील दूर समुद्र में फंसी हुई थी। खराब मौसम और ऊंची लहरों की वजह से बोट में तेजी से पानी भरने लगा था। बोट का ढांचा भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका था, जिससे उसमें सवार छह मछुआरों की जान पर खतरा मंडरा रहा था।
मैसेज मिलते ही इंडियन कोस्ट गार्ड ने तुरंत कार्रवाई की। गश्त पर मौजूद ICGS Sachet का रास्ता बदलकर उसे सीधे घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। महज 90 मिनट के अंदर तटरक्षक पोत मौके पर पहुंच गया। उस समय समुद्र में तेज हवाएं चल रही थीं, ऊंची-ऊंची लहरें उठ रही थीं और दृश्यता भी काफी कम थी। अंधेरा होने की वजह से बचाव अभियान और भी मुश्किल हो गया था, लेकिन टीम ने बिना घबराए पूरे अभियान को सावधानी से जारी रखा।
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान भारतीय तटरक्षक बल ने रिमोट-ऑपरेटेड लाइफबॉय जैसी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया। इसकी मदद से बचाव दल समुद्र में फंसे मछुआरों तक सुरक्षित पहुंचा और सभी को एक-एक कर बाहर निकाल लिया। तटरक्षक बल की प्रशिक्षित टीम ने शानदार समन्वय और सूझबूझ का परिचय देते हुए शाम करीब 6 बजे तक सभी छह मछुआरों को बिना किसी चोट के सुरक्षित बचा लिया।
सफल रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद ICGS Sachet सभी बचाए गए मछुआरों को लेकर न्यू मंगलुरु बंदरगाह के लिए रवाना हो गया। यहां उन्हें सुरक्षित उतारा जाएगा और जरूरी मेडिकल जांच व अन्य औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी।
भारतीय तटरक्षक बल ने कहा कि यह अभियान समुद्र में मानव जीवन की सुरक्षा के प्रति उसकी मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है। आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षित जवानों और त्वरित कार्रवाई की बदौलत तटरक्षक बल हर तरह की समुद्री आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। तटरक्षक बल ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि वह अपने आदर्श वाक्य वयम् रक्षामः (हम रक्षा करते हैं) के अनुसार देश के समुद्री क्षेत्रों की लगातार निगरानी कर रहा है और समुद्र में संकट में फंसे लोगों तक समय पर मदद पहुंचाना उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।